ToD Tariff: बिहार में बिजली का नया नियम, अब समय के हिसाब से तय होगा बिल, जानिए कैसे बचेंगे पैसे

बिहार में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए नई ToD टैरिफ व्यवस्था लागू। अब समय के हिसाब से बदलेगी बिजली की दर—जानिए कब सस्ती और कब महंगी होगी बिजली, और कैसे करें बचत।

On: Wednesday, March 25, 2026 10:28 AM
ToD Tariff

ToD Tariff: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। अगर आप भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब बिजली का बिल सिर्फ यूनिट पर नहीं, बल्कि आप किस समय बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं, इस पर भी निर्भर करेगा। सरकार की नई व्यवस्था (ToD Tariff) से जहां कुछ समय में बिजली सस्ती मिलेगी, वहीं कुछ घंटों में महंगी भी पड़ेगी।

 ToD Tariff: क्या है नया ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ सिस्टम?

बिहार के 87 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD Tariff) टैरिफ लागू किया है। इसका मतलब है कि अब 24 घंटे बिजली की एक समान दर नहीं होगी। 1 अप्रैल से स्मार्ट मीटर में लगे सॉफ्टवेयर के जरिए यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि आप किस समय कितनी बिजली खर्च कर रहे हैं, और उसी हिसाब से आपका बिल तय होगा।

इस व्यवस्था का मकसद बिजली की खपत को संतुलित करना है, ताकि एक ही समय पर ग्रिड पर ज्यादा दबाव न पड़े। खासतौर पर शाम के समय जब ज्यादातर लोग घर लौटते हैं और बिजली का इस्तेमाल बढ़ जाता है, उस समय लोड कम करना सरकार की प्राथमिकता है।

दिन में सस्ती, शाम को महंगी—समझिए पूरा गणित

नई व्यवस्था (ToD Tariff) के तहत दिन का समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपभोक्ताओं के लिए सबसे फायदेमंद रहेगा। इस दौरान बिजली की खपत पर 20% तक की छूट मिलेगी। यानी अगर आप 100 रुपये की बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सिर्फ 80 रुपये ही चुकाने होंगे। इसे ‘हैप्पी आवर्स’ की तरह समझा जा सकता है।

लेकिन जैसे ही शाम 5 बजे के बाद का समय शुरू होता है, बिजली महंगी हो जाती है। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक को ‘पीक आवर्स’ माना गया है। इस दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को 110% तक भुगतान करना होगा, जबकि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर 120% तक पहुंच सकती है। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक राहत की खबर है—इस दौरान बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। यानी जितनी यूनिट खर्च करेंगे, उतना ही बिल देना होगा, न ज्यादा न कम।

स्मार्ट मीटर बनेगा आपका ‘बजट मैनेजर’

बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक लाखों घरों में ये मीटर लग चुके हैं और आने वाले समय में करीब 1.12 करोड़ उपभोक्ताओं को इसके दायरे में लाने का लक्ष्य है। स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली की खपत नहीं बताएगा, बल्कि यह आपके खर्च को भी कंट्रोल करने में मदद करेगा। अब आप खुद तय कर सकते हैं कि कब ज्यादा बिजली खर्च करनी है और कब बचत करनी है। सरकार ने यह भी दावा किया है कि इस नई व्यवस्था के साथ बिजली सब्सिडी में भी बढ़ोतरी की गई है, ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।

क्यों लिया गया यह फैसला? जानिए बैकग्राउंड

बिजली विभाग के अनुसार, शाम के समय बिजली की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। यह मांग करीब 4000 मेगावाट से बढ़कर 7000 मेगावाट तक पहुंच जाती है, जिससे ग्रिड पर भारी दबाव पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए ‘टाइम ऑफ डे’ टैरिफ लागू किया गया है, ताकि लोग अपने बिजली उपयोग का समय बदलें और पीक आवर्स में लोड कम हो सके। यह सिस्टम देश के कई अन्य राज्यों में भी पहले से लागू है और अब बिहार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कैसे करें समझदारी से बिजली की बचत?

अगर आप अपने बिजली बिल को कम करना चाहते हैं, तो आपको अपने रोजमर्रा के कामों का समय बदलना होगा। जैसे— कपड़े धोना, इस्त्री करना, पानी की मोटर चलाना, गीजर या भारी उपकरण का उपयोग। इन सभी कामों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच करने की कोशिश करें। इससे आपको सीधे 20% तक की बचत मिल सकती है। वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे के बीच गैर-जरूरी बिजली इस्तेमाल से बचें। इससे आपका बिल अनावश्यक रूप से बढ़ सकता है।

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