Danish Rizwan: हर्ष फायरिंग विवाद में फंसे HAM नेता दानिश रिजवान, FIR दर्ज होने से बढ़ी सियासी हलचल

बिहार में HAM नेता दानिश रिजवान पर हर्ष फायरिंग के आरोप में FIR दर्ज, वायरल वीडियो को लेकर सियासी बवाल। जानिए पूरा मामला और पुलिस जांच की अपडेट।

On: Saturday, March 28, 2026 8:41 PM
Danish Rizwan

Danish Rizwan: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सियासी माहौल को गरमा दिया है, जिसमें कथित तौर पर फायरिंग करते दिख रहे व्यक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जैसे ही यह खबर सामने आई, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।

Danish Rizwan: वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद, पुलिस ने दर्ज की FIR

यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब 26 मार्च को पुलिस के पास एक वीडियो पहुंचा। इस वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर हर्ष फायरिंग करते हुए देखा गया। जांच के लिए मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपा गया, जिसमें पहचान दानिश रिजवान के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार, हर्ष फायरिंग एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है, इसलिए इस मामले में टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शुरुआत में पुलिस ने सनहा दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज कर दी गई। इंस्पेक्टर देवराज राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।

दानिश रिजवान का दावा—वीडियो पुराना और AI जनरेटेड

दूसरी तरफ, इस पूरे मामले पर दानिश रिजवान ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने वायरल वीडियो को पुराना और एआई (AI) से तैयार किया गया बताया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। रिजवान ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले में पहले भी वर्ष 2017 में कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें उनके हथियार का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। हालांकि बाद में अदालत ने उस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए उनका लाइसेंस बहाल कर दिया था। ऐसे में उनका दावा है कि यह मामला भी उसी तरह का एक और राजनीतिक प्रोपेगेंडा हो सकता है।

सियासी घमासान—राजद ने साधा निशाना

इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा करते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की है और इसे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल बताया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। कई मीडिया संस्थानों ने भी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की है, जिससे मामला और उलझता नजर आ रहा है।

हर्ष फायरिंग: क्यों है यह गंभीर अपराध?

हर्ष फायरिंग को कानूनन अपराध माना जाता है क्योंकि इससे आम लोगों की जान को खतरा हो सकता है। कई मामलों में ऐसी फायरिंग के दौरान हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली गई है। यही वजह है कि पुलिस इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई करती है। इस केस में भी पुलिस का कहना है कि अगर वीडियो और जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर वीडियो फर्जी या एडिटेड पाया जाता है, तो मामले की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।

क्या आगे बढ़ेगा मामला?

फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गर्मी ला सकता है। पुलिस की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी पहलुओं के सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वीडियो असली है या वाकई किसी साजिश का हिस्सा।

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