Bihar News: बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में रविवार देर रात एक भीषण हादसे ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। जानकारी के मुताबिक, मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में अचानक एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई हादसा इतना भयानक था कि देखते ही देखते पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया और गांव में मातम पसर गया।
Bihar News: रात के समय गिरी छत, नींद में ही खत्म हुआ पूरा परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक बबलू खान अपने परिवार के साथ घर में सोया हुआ था। रात करीब 11 बजे अचानक जोरदार धमाके के साथ घर की छत गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। आसपास के लोग आवाज सुनते ही मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर शवों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि बबलू खान के परिवार में उसकी पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता शामिल थे। सभी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
जर्जर मकान बना मौत की वजह
ग्रामीणों ने बताया कि बबलू खान का मकान इंदिरा आवास योजना के तहत करीब दस साल पहले बना था। लेकिन मकान की दीवारों और छत में पहले से दरारें थीं। आर्थिक तंगी के कारण बबलू उसकी मरम्मत नहीं करवा पाया और आखिरकार वही कमजोरी उसके पूरे परिवार की मौत का कारण बन गई। बबलू खान मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। उसकी मौत के साथ परिवार की आर्थिक नींव भी पूरी तरह हिल गई।
घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही कादिरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मलबे से शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “यह दुखद हादसा है, और प्रशासन हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।”
ग्रामीणों ने की पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और आक्रोश दोनों देखा गया। लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दियारा क्षेत्र में ऐसे कई पुराने और जर्जर मकान हैं जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन मकानों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
पूरा गांव शोक में डूबा, एक साथ उठीं पांच अर्थियां
सुबह होते ही गांव में मातम का माहौल और गहराता गया। एक ही परिवार की पांच अर्थियां एक साथ उठने का दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। गांव के लोगों ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए चेतावनी है।
पटना के दानापुर क्षेत्र में हुआ यह हादसा बिहार में जर्जर मकानों की स्थिति पर कई सवाल खड़े करता है। गरीबी, अनदेखी और लापरवाही का यह संयोजन एक बार फिर पांच निर्दोष जिंदगियां लील गया। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस त्रासदी से सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।








