NEET Student Death: पटना नीट छात्रा मौत मामले की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है. भले ही सरकार ने एसआईटी का गठन जरूर किया है, लेकिन अभी तक यह विशेष टीम भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है. इतना ही नहीं अब इस घटना की जांच सीआईडी भी कर रही है.
इस घटना में जितनी ही ज्यादा देरी हो रही है, बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन की नाकामी साफ तौर पर जाहिर हो रही है, जहां अब यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद जांच एजेंसी दोषी को पकड़ने के लिए डीएनए टेस्ट का तरीका अपना रही है. हालांकि इस फैसले को लेकर छात्रा के परिजनों में नाराजगी है जिन्होंने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए.
NEET Student Death: जांच के नाम पर परेशान कर रही पुलिस
नीट छात्रा मौत मामले में हर दिन नए खुलसी जरूर हो रहे हैं लेकिन अभी तक एसआईटी टीम आरोपियों तक नहीं पहुंची है. आपको बता दें कि अब जांच एजेंसियों ने दोषियों को पकड़ने के लिए डीएनए टेस्ट का फैसला लिया है, जहां छात्रा के परिजनों का भी डीएनए टेस्ट हो रहा है, जिसे लेकर छात्रा के मामा आग बबुला है. उनका आरोप है कि परिवार वालों को जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है. साथ ही साथ यह भी आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां रिश्तेदारों के भी टेस्ट कर दे रही है.
आज परिवार के जिन सदस्यों को लाया गया है उनमे एक फुफेरा भाई भी शामिल था. अब तक परिवार के 10 लोगों का डीएनए टेस्ट किया जा चुका है. परिवार वालों का यह कहना है कि सारी घटना हॉस्टल के अंदर हुई फिर भी जांच एजेंसी यह लगातार पूछ रही है कि किस आधार पर कार्रवाई करें. मामा ने कहा अगर हमें ही अपराधी मानते हैं तो पूरे परिवार को जेल भेज दीजिए, लेकिन हम न्याय के लिए लड़ते रहेंगे. मामा ने एसआईटी की टीम पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिन में तीन-तीन बार परेशान करती है. कभी रात 11 बजे तो कभी 12 बजे, प्रशासन पहुंच जाता है.
परिवार वालों ने सीबीआई जांच की उठाई मांग
आपको बता दें कि नीट छात्रा मौत मामले में शुरुआती समय में पुलिस की लापरवाही के कारण सबूत के साथ छेड़छाड़ हुई जिस कारण एसआईटी को जांच करने में काफी परेशानी हो रही है. अधूरे सबूत होने के कारण जांच अभी भी पूरी नहीं हो पाई है, जहां पीड़िता के मामा ने यह दावा किया है कि इस मामले के निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और जब तक इसकी सीबीआई जांच नहीं होगी तब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा.







