BSEB Inter Exam 2026 Guidelines: बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इस बार परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और अनुशासित बनाने के लिए अब तक की सबसे सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर किसी छात्र ने नियम तोड़े, तो सिर्फ परीक्षा खराब नहीं होगी, बल्कि जेल, FIR और 2 साल तक परीक्षा से बैन जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली इस परीक्षा में करीब 13.17 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। खास बात यह है कि इस बार भी छात्राओं की संख्या छात्रों से ज्यादा है, जो बिहार की बदलती शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर दिखाती है।
BSEB Inter Exam 2026 Guidelines: क्यों सख्त हुई बिहार बोर्ड की परीक्षा?
पिछले कुछ वर्षों में बिहार बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नकल, अनुशासनहीनता और परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था को रोकने के लिए बोर्ड अब Zero Tolerance Policy पर काम कर रहा है। बोर्ड का साफ मानना है कि ईमानदार छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि 2026 की इंटर परीक्षा में निगरानी से लेकर प्रवेश तक हर स्तर पर कड़े नियम लागू किए गए हैं।
Bihar Board Inter Exam 2026: परीक्षा टाइमिंग में बड़ा बदलाव
इस बार सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा केंद्र में एंट्री टाइम को लेकर किया गया है। अब देर से आने वाले छात्रों के लिए कोई राहत नहीं होगी।
पहली पाली
- परीक्षा शुरू: सुबह 9:30 बजे
- केंद्र में एंट्री: सुबह 8:30 बजे से
- गेट बंद: सुबह 9:00 बजे
दूसरी पाली
- परीक्षा शुरू: दोपहर 1:00 बजे
- केंद्र में एंट्री: दोपहर 12:00 बजे से
गेट बंद होने के बाद किसी भी हाल में प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे छात्र कितना भी अनुरोध करे।
दीवार फांदी या जबरन घुसे तो सीधी FIR और 2 साल का बैन
बिहार बोर्ड ने अनुशासन को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अगर कोई छात्र गेट बंद होने के बाद जबरन अंदर घुसने की कोशिश करता है, दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करता है। तो उसके खिलाफ FIR दर्ज होगी, 2 साल तक बोर्ड परीक्षा से प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बोर्ड ने साफ कहा है कि ऐसी हरकतों को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू रहेगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए हर परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 (पूर्व में 144) लागू रहेगी।
इसका मतलब अनावश्यक भीड़ नहीं लग सकेगी, बाहरी तत्व परीक्षा में बाधा नहीं डाल पाएंगे और किसी भी तरह की अफवाह या हंगामा रोका जा सकेगा।
दो स्तरों पर होगी तलाशी, मोबाइल ले जाना सख्त मना
BSEB ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित है।
छात्रों की दो स्तरों पर फ्रिस्किंग होगी:
- परीक्षा केंद्र के गेट पर
- क्लासरूम में प्रवेश से पहले
हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए:
- CCTV कैमरे
- वीडियोग्राफी
- और उड़नदस्ता (Flying Squad) तैनात रहेंगे
नकल करते पकड़े गए तो सीधा एक्शन
अगर कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा गया या नकल सामग्री के साथ पाया गया, तो:
- उसकी परीक्षा तुरंत रद्द होगी
- उसे केंद्र से बाहर कर दिया जाएगा
- आगे की परीक्षाओं पर भी रोक लग सकती है
बोर्ड ने साफ कहा है कि इस बार किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
- परीक्षा से कम से कम 1.5 घंटे पहले घर से निकलें
- एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र जरूर रखें
- परीक्षा केंद्र के बाहर किसी अनजान व्यक्ति से कुछ न लें
- अफवाहों से बचें और सिर्फ बोर्ड की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2026 सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य का आधार है। बोर्ड की सख्ती का मकसद सजा देना नहीं, बल्कि ईमानदार और मेहनती छात्रों को सुरक्षित माहौल देना है। अगर छात्र नियमों का पालन करते हैं, समय पर पहुंचते हैं और पूरी ईमानदारी से परीक्षा देते हैं, तो उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन लापरवाही या अनुशासनहीनता की कीमत इस बार बहुत भारी पड़ सकती है।








