Budget 2026: रविवार को जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रही थीं, तब बिहार के लिए किया गया एक ऐलान अचानक सुर्खियों में आ गया। वर्षों से बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की आस लगाए बैठे बिहारवासियों के लिए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा किसी सपने के सच होने जैसी है। यह सिर्फ एक ट्रेन परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के आर्थिक और सामाजिक भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
Budget 2026 में बिहार को क्या मिला खास
इस बजट में केंद्र सरकार ने देशभर में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि भारत में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन कॉरिडोर में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई और सिलीगुड़ी-वाराणसी जैसे अहम रूट शामिल हैं। इन्हीं में से सिलीगुड़ी से वाराणसी तक जाने वाला हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य को सीधा लाभ मिलने वाला है।
सिलीगुड़ी-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर और बिहार
यह रेल कॉरिडोर पूर्वोत्तर भारत को उत्तर भारत से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बनेगा। बिहार के जिन इलाकों से यह रूट गुजरेगा, वहां व्यापार, रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं खुलेंगी। तेज रफ्तार रेल सेवा से यात्रा का समय कम होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस परियोजना से बिहार की छवि केवल श्रम आधारित राज्य की नहीं, बल्कि तेजी से उभरते कनेक्टिविटी हब की बन सकती है।
कनेक्टिविटी पर सरकार का बड़ा फोकस
बजट भाषण में यह साफ दिखा कि केंद्र सरकार “विकसित भारत” के लक्ष्य को पाने के लिए कनेक्टिविटी को आधार बना रही है। हाईस्पीड रेल के साथ-साथ सी-प्लेन निर्माण को समर्थन, बैंकिंग सुधारों के लिए हाई-लेवल कमेटी और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। बिहार जैसे राज्य, जो लंबे समय से बेहतर परिवहन नेटवर्क की मांग कर रहे थे, उनके लिए यह बजट एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
पटना में जहाज मरम्मत सुविधा: जलमार्ग को मिलेगा बल
रेल के साथ-साथ जल परिवहन को भी मजबूती देने का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे गंगा नदी के जरिए आंतरिक जलमार्ग (Inland Waterways) को बढ़ावा मिलेगा। पटना को एक महत्वपूर्ण जल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां जहाजों की मरम्मत और संचालन से जुड़े रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही जलमार्ग के उपयोग के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं भी दी जाएंगी।
स्वास्थ्य सेक्टर में राहत: दवाएं होंगी सस्ती
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़ी राहत की घोषणा हुई है। वित्त मंत्री ने बताया कि शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी। इसके अलावा फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया गया है। बायो-फार्मा शक्ति पहल के तहत देश में दवा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे न केवल दवाओं की कीमतें कम होंगी, बल्कि भारत को फार्मा हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। इसका सीधा लाभ बिहार सहित देश के आम लोगों को मिलेगा।
बिहार के लिए बजट 2026 क्यों है अहम
हाईस्पीड रेल, जलमार्ग विकास और सस्ती दवाएं—ये सभी घोषणाएं मिलकर बिहार के विकास मॉडल को नया आकार देती हैं। जहां एक ओर बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आएगा, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार से आम जनता को राहत मिलेगी। यह बजट संकेत देता है कि बिहार को अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की तैयारी है।
विकास की पटरी पर बिहार
Budget 2026 में किए गए ऐलान बिहार के लिए उम्मीदों की नई ट्रेन लेकर आए हैं। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से राज्य की दूरी देश के बड़े शहरों से घटेगी, जलमार्ग सुविधाओं से व्यापार को नया रास्ता मिलेगा और सस्ती दवाओं से आम आदमी को राहत मिलेगी। अगर ये घोषणाएं जमीन पर सही समय पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में बिहार की पहचान विकास और कनेक्टिविटी के एक मजबूत केंद्र के रूप में बन सकती है।
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