NEET Student Case: राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत अब सिर्फ एक सामान्य आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह न्याय, सुरक्षा और सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। शुरुआत में जिस घटना को आत्महत्या बताया गया था, वही मामला अब कई सवालों और शक के घेरे में है। बढ़ते जनदबाव और लगातार उठती मांगों के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई, जिसके बाद जांच की रफ्तार तेज हो गई है।
हाल ही में CBI टीम ने पटना के गर्ल्स हॉस्टल से लेकर छात्रा के पैतृक घर तक जांच का दायरा बढ़ाया है। एजेंसी की सक्रियता ने इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं कि अब सच्चाई सामने आ सकती है।
NEET Student Case: जहानाबाद में परिवार से चार घंटे तक पूछताछ
जांच की सबसे अहम कड़ी तब सामने आई जब CBI की टीम छात्रा के पैतृक घर जहानाबाद पहुंची। रविवार सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई पूछताछ दोपहर 12 बजे के बाद तक चली। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से छात्रा की दिनचर्या, पढ़ाई का दबाव, दोस्तों और परिचितों से संबंध, हाल के दिनों में हुए बदलाव और किसी संभावित विवाद के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्रा मानसिक रूप से किस स्थिति में थी और क्या किसी तरह का बाहरी दबाव या धमकी उसके जीवन को प्रभावित कर रही थी। परिवार के बयान को (NEET Student Case) जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान
CBI टीम ने इससे पहले पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में करीब तीन घंटे तक गहन जांच की। अधिकारियों ने हॉस्टल के कमरों, एंट्री रजिस्टर, विजिटर रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की। साथ ही CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी खंगाला गया। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि (NEET Student Case) घटना वाले दिन हॉस्टल परिसर में कौन-कौन मौजूद था और छात्रा की गतिविधियां क्या थीं। डिजिटल सबूतों को इस केस की सच्चाई तक पहुंचने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
छात्रा की मौत के बाद शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। लेकिन परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया। मामला (NEET Student Case) तब और संवेदनशील हो गया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न से जुड़े संकेत सामने आए। इसके बाद पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक न्याय की मांग तेज हो गई। लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद अंततः केस CBI को सौंपा गया।
पुलिस कार्रवाई और उठते सवाल
पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार किया था, लेकिन हॉस्टल संचालिका को बिना लंबी पूछताछ के छोड़ दिए जाने से विवाद और गहरा गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि (NEET Student Case) मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। यही वजह रही कि इस केस ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा पकड़ ली। छात्राओं की सुरक्षा और निजी हॉस्टलों की निगरानी व्यवस्था भी बहस का बड़ा विषय बन गई।
जांच अब किन पहलुओं पर केंद्रित?
CBI अब इस (NEET Student Case) मामले को कई एंगल से देख रही है। जांच में छात्रा के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और हॉस्टल के सुरक्षा सिस्टम की भूमिका की जांच की जा सकती है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय मौजूद लोगों के बयान और डिजिटल साक्ष्य आपस में मेल खाते हैं या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल फुटप्रिंट और CCTV रिकॉर्ड अक्सर सच्चाई तक पहुंचने में निर्णायक साबित होते हैं।
समाज में बढ़ती चिंता और सुरक्षा पर बहस
इस घटना (NEET Student Case) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हजारों छात्राएं अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई करती हैं और उनके लिए सुरक्षित माहौल बेहद जरूरी होता है। अभिभावकों का कहना है कि निजी हॉस्टलों के संचालन और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
परिवार को न्याय की उम्मीद
CBI जांच शुरू होने के बाद पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि अब मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। राज्यभर के लोग भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं और जांच के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
पटना गर्ल्स हॉस्टल केस (NEET Student Case) अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और न्याय प्रणाली की परीक्षा बन गया है। CBI की सक्रिय जांच से संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी हर पहलू को गंभीरता से खंगाल रही है। आने वाले दिनों में जांच के नए खुलासे इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है — क्या यह आत्महत्या थी या किसी साजिश का परिणाम? जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन फिलहाल पूरे बिहार की नजर इस केस पर टिकी हुई है।
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