Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान इस बार आसमान में भी राजनीति का खूब रंग दिखा। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन के नेताओं ने हेलीकॉप्टरों से जमकर प्रचार किया। आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनावी मौसम में हेलीकॉप्टर और चौपर प्रचार पर 72 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। राजनीतिक दलों ने गांव-गांव तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों को प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया। इससे यह साफ दिखा कि इस बार का चुनाव जमीन पर जितना लड़ा गया, उतना ही आसमान में भी।
Bihar Election 2025: पटना एयरपोर्ट बना “हवाई चुनाव मुख्यालय”
सूत्रों के अनुसार, पटना एयरपोर्ट से प्रतिदिन औसतन 25 हेलीकॉप्टर उड़ान पर रहते थे। अब तक करीब 600 से अधिक हेलीकॉप्टर और 40 चौपर उड़ान भर चुके हैं, जबकि लैंडिंग और टेकऑफ़ मिलाकर 1,200 से अधिक हेलीकॉप्टर मूवमेंट दर्ज किए गए। एयरपोर्ट पर लगातार आवाजाही से माहौल किसी एयर शो जैसा नजर आता था। राजनीतिक दलों के बैनरों से सजे हेलीकॉप्टरों की लगातार उड़ानों ने पटना के आसमान को चुनावी रणक्षेत्र में बदल दिया था।
प्रति हेलीकॉप्टर रोजाना 12 लाख रुपये खर्च
चुनावी प्रचार के दौरान एक हेलीकॉप्टर की औसतन 12 लाख रुपये प्रतिदिन की लागत (GST सहित) रही। प्रत्येक हेलीकॉप्टर ने औसतन 4 से 5 घंटे प्रतिदिन उड़ान भरी, यानी कुल मिलाकर लगभग 3,000 घंटे की उड़ानें चुनाव प्रचार में दर्ज की गईं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह आंकड़ा बताता है कि बिहार का यह चुनाव सिर्फ धरातल पर नहीं, बल्कि हवा में भी सबसे ज्यादा खर्चीला रहा।
कब से कब तक चला चुनावी अभियान
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar election 2025) की अधिसूचना 6 अक्टूबर को जारी हुई थी।
- पहला चरण मतदान: 6 नवंबर
- दूसरा चरण मतदान: 11 नवंबर
- चुनाव प्रचार का अंत: 9 नवंबर
- मतगणना की तारीख: 14 नवंबर
करीब एक महीने के चुनावी अभियान (Bihar election 2025) के दौरान नेताओं ने प्रदेश के हर कोने में सभाएं कीं। इस अवधि में हवाई मार्ग से ही दर्जनों सभाएं और रैलियां आयोजित हुईं।
आसमान में भी दिखी सियासी जंग
एनडीए और महागठबंधन दोनों गठबंधनों ने सत्ता की लड़ाई को आसमान तक पहुंचा दिया। एनडीए की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और अन्य नेताओं ने कई रैलियां कीं। वहीं महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने हेलीकॉप्टर के जरिए जनसभाएं कीं। चुनावी मौसम में हेलीकॉप्टर बुकिंग एजेंसियों की मांग इतनी बढ़ी कि कई दिनों तक बुकिंग स्लॉट पूरी तरह फुल रहे।
चुनाव विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार चुनाव 2025 (Bihar election 2025) में प्रचार का यह तरीका आने वाले चुनावों की दिशा तय करेगा। हवाई प्रचार से नेताओं ने कम समय में ज्यादा इलाकों को कवर किया, लेकिन इसका असर मतदाताओं पर कितना पड़ा, यह 14 नवंबर की मतगणना के बाद ही साफ होगा।
बिहार चुनाव 2025 (Bihar election 2025) न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने प्रचार के तौर-तरीकों में भी नई परंपरा गढ़ी। 72 करोड़ रुपये का हवाई खर्च और 3,000 घंटे की उड़ानें इस बात का प्रमाण हैं कि अब चुनाव प्रचार की जंग धरातल से ऊपर, आसमान में भी लड़ी जाती है। अब देखना यह है कि इस भारी खर्च और हवाई रणनीति का फायदा किस राजनीतिक दल को मिलता है — एनडीए या महागठबंधन?








