Bihar News: महागठबंधन विधायक दल की बैठक में शामिल हुए तेजस्वी यादव, विशेष सत्र को लेकर बन रही रणनीतिबिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले सरकार और विपक्ष अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर महागठबंधन विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आरजेडी, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहे। चुनावी नतीजों के बाद पहली बार सभी नेताओं की एक साथ बैठक होने से इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।
Bihar News: तेजस्वी यादव की चुप्पी बनी बड़ी राजनीतिक चर्चा
तेजस्वी यादव आज सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे, लेकिन उनकी चुप्पी लगातार चर्चा का कारण बनी हुई है। एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने कई सवाल पूछे, लेकिन तेजस्वी बिना जवाब दिए फोन पर बात करते हुए वहां से निकल गए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनकी यह चुप्पी आगामी विशेष सत्र और विपक्ष की रणनीति को लेकर किसी बड़े संकेत की ओर इशारा करती है।
विशेष सत्र में सरकार को घेरने की तैयारियों पर चर्चा
बैठक का मुख्य फोकस रहा कि 1 से 5 दिसंबर तक चलने वाले विशेष सत्र के दौरान सरकार को किन-किन मुद्दों पर घेरा जाए। आरजेडी महासचिव रणविजय साहू ने बैठक में कहा कि “भले ही संख्या कम है, लेकिन इरादे मजबूत हैं।” “डिप्टी सीएम के स्वागत में हर्ष फायरिंग होना बिहार की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।” उन्होंने साफ किया कि विपक्ष लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सरकार पर जोरदार हमला करेगा।
भाई वीरेंद्र का आरोप—‘चोरी से एनडीए ने सरकार बनाई’
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक के दौरान कहा कि जनता का जनादेश आरजेडी के पक्ष में था, लेकिन एनडीए ने चोरी-छिपे सरकार बना ली। उन्होंने कहा “आवाज बुलंद करने के लिए मैं अकेला ही काफी हूं।” उनका बयान बैठक में मौजूद सभी नेताओं के लिए एक आह्वान जैसा था।
कांग्रेस की कमजोर मौजूदगी और फ्रेंडली फाइट की स्वीकृति
बैठक में कांग्रेस की ओर से सिर्फ एक ही MLC समीर सिंह मौजूद थे। समीर सिंह ने माना कि चुनाव के दौरान कांग्रेस की फ्रेंडली फाइट ने महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति में सभी दल एकजुट होकर काम करेंगे, हालांकि कांग्रेस की कम उपस्थिति ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
महागठबंधन विशेष सत्र में सरकार को घेरने को तैयार
बैठक से संदेश साफ है कि महागठबंधन विशेष सत्र में निम्न मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है:
- कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति
- हर्ष फायरिंग की घटनाएं
- जनादेश की अनदेखी
- प्रशासनिक लापरवाही
- सरकार गठन की प्रक्रिया पर सवाल
तेजस्वी यादव की अगुवाई में यह बैठक विपक्ष की एकजुटता और आक्रामक रुख का संकेत देती है।








