Bihar News: सदर अस्पताल जैसे संस्थान को आम लोग इलाज, राहत और भरोसे की जगह मानते हैं। लेकिन सहरसा सदर अस्पताल में सामने आई यह घटना उस भरोसे पर सीधा हमला है, जहां इलाज के बहाने एक युवती के साथ अश्लील हरकत और दुष्कर्म की कोशिश की गई। इस शर्मनाक वारदात ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया कि कानून अब ऐसे मामलों में देर नहीं करेगा।
Bihar News: इलाज के लिए आई थी युवती, बन गई हवस की साजिश का शिकार
जानकारी के मुताबिक, सदर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 की रहने वाली युवती गले में दर्द की शिकायत लेकर अपनी दादी के साथ सहरसा सदर अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल परिसर में मौजूद कुछ कर्मियों ने इलाज का भरोसा दिलाया और युवती को बहला-फुसलाकर एक सुनसान कमरे में ले गए। यहीं पर उसके साथ छेड़छाड़ की गई और दुष्कर्म का प्रयास किया गया।
यह पूरी घटना बताती है कि कैसे मरीजों की मजबूरी और भरोसे का फायदा उठाकर कुछ लोग अपराध को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। अस्पताल जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर इस तरह की हरकत ने सभी को हैरान कर दिया।
शोर मचते ही बची इज्जत, महिला कर्मियों ने दिखाई हिम्मत
युवती ने जब खुद को असहज स्थिति में पाया तो उसने शोर मचाना शुरू किया। उसकी आवाज सुनते ही अस्पताल में मौजूद अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हस्तक्षेप किया। उनकी सूझबूझ और साहस से युवती को आरोपियों के चंगुल से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाया गया। यह पहलू यह भी दिखाता है कि यदि सिस्टम में मौजूद लोग समय पर जिम्मेदारी निभाएं, तो बड़ी अनहोनी को रोका जा सकता है।
वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया प्रशासन
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही मामला गंभीर हो गया और पुलिस अधीक्षक ने स्वतः संज्ञान लिया। महिला थाना में तत्काल कांड दर्ज किया गया और एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय आसूचना और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान यह साफ हो गया कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम देने की कोशिश की गई थी।
24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, पेशे को किया शर्मसार
सहरसा पुलिस की तत्परता का नतीजा यह रहा कि महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नंद कुमार (पिता त्रिभुवन प्रसाद यादव), निवासी धमसैनी वार्ड नंबर 46, सहरसा; अंकित कुमार (पिता प्रेम मोहन झा), निवासी दिवरा ब्राह्मण टोली वार्ड नंबर 16, थाना नवहट्टा; और कृष्णा कुमार (पिता फुल रजक), निवासी न्यू कॉलोनी वार्ड नंबर 8, सहरसा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, इस कांड का मुख्य आरोपी सदर अस्पताल में तैनात एंबुलेंस कर्मी था। जिस पेशे का मकसद मरीजों की मदद करना होता है, उसी पद पर रहते हुए इस तरह का अपराध करना पूरे सिस्टम को शर्मसार करता है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
SDPO ने किया खुलासा, बोले – सख्त कार्रवाई होगी
मामले को लेकर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि अस्पताल प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।
अस्पतालों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक को उजागर करती है। सवाल यह है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर मरीजों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? सीसीटीवी, महिला सुरक्षा गार्ड, और सख्त निगरानी जैसे कदम अब सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
समाज के लिए चेतावनी और सबक
यह मामला समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि चुप्पी अपराधियों को ताकत देती है। युवती का शोर मचाना और महिला कर्मियों का हस्तक्षेप यह साबित करता है कि विरोध और सतर्कता से अपराध रोका जा सकता है। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने से प्रशासन पर दबाव बना और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।
सहरसा सदर अस्पताल की यह घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने न्याय की उम्मीद जरूर जगाई है। अब जरूरत है कि अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, कर्मचारियों की सख्त जांच हो और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। तभी ऐसे पवित्र माने जाने वाले स्थानों पर भरोसा दोबारा कायम हो सकेगा।







