NEET Student Death: जहानाबाद की छात्रा की पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध हालत में पाए जाने के बाद पूरे बिहार में इस मामले को लेकर उबाल है. इस केस को एक महीने से ज्यादा समय हो गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. इस केस ने पुलिस और प्रशासन दोनों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संग्राम छिडा़ हुआ है. अब सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई को केस ट्रांसफर करने का फैसला लिया है, जिससे न्याय की एक उम्मीद जगी है.
NEET Student Death: सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
आपको बता दें कि बिहार पुलिस की तरफ से एसआईटी का गठन किया गया था, जिसने इस मामले की जांच की. जब मृतका के इनरवियर पर स्पर्म पाए गए तो एसआईटी की टीम ने इसके लिए डीएनए मैच को लेकर उसके रिश्तेदारों के डीएनए टेस्ट लिए, लेकिन किसी का भी डीएनए मैच नहीं हो पाया. हालांकि परिजनों द्वारा लगातार ये आरोप लगाया जा रहा है कि निष्पक्ष रूप से इसकी जांच नहीं हो रही है.
यही वजह है कि सम्राट चौधरी ने अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है जिससे एक न्याय की उम्मीद जगी. सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ एसआईटी से सभी दस्तावेज टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
इस कारण नहीं निकल पा रहा निष्कर्ष
सीबीआई ने केस दर्ज करने के साथ ही अपनी जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है और पटना एसएसपी को पत्र लिखकर केस डायरी, सीसीटीवी फुटेज और अब तक की जांच रिपोर्ट के साथ सभी संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यप तलब किए हैं. 31 जनवरी को ही इस मामले में बिहार सरकार ने सीबीआई जांच के अनुशंसा की थी जहां 12 दिन के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस्से लेकर मंजूरी मिली. इस जांच की पूरी जिम्मेदारी एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई है.
आपको बता दे कि इस मामले को लेकर किसी तरह का निष्कर्ष इसलिए भी नहीं निकल पा रहा है क्योंकि सीन आँफ क्राइम को देर से सील करने के कारण सबूत कमजोर हुए. साथ ही साथ सीसीटीवी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है. मौके पर पुलिस भी देर से पहुंची जिससे पहले आरोपी को सबूत से छेड़छाड़ करने का पूरा मौका मिला. इसके अलावा एम्स की राय अभी तक आई ही नहीं है.
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