Ganga Riverfront : बिहार की राजधानी पटना के लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है. पटना के डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि दीघा से कलेक्ट्रेट तक 6 किलोमीटर के इलाके को विकसित करने का काम शुरू हो गया है. इस 6 किलोमीटर के अंतर्गत जिन इलाकों पर कब्जा है. उनको खाली करा कर वहां 2 किलोमीटर के हिस्से की फेंसिंग (Ganga Riverfront) की जाएगी.
फर्स्ट फेज में दो करोड़ की लागत से 2 किलोमीटर जमीन की घेराबंदी कर पौधा लगाने का काम किया जाएगा. इस काम (Ganga Riverfront) को पूरा करने की जिम्मेवारी वन विभाग को दी गई है. बातचीत के दौरान डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि पौधा लगाने के लिए जमीन चिन्हित कर लिया गया है. चिन्हित जमीन के घेरा बंदी की जिम्मेदारी सदर सीओ को सौंप दी गई है. इन काम (Ganga Riverfront) को करने में किसी तरह के परेशानी ना आए इसके लिए पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बल को तैनात किया गया है.
इलाके होंगे विकसित
यह योजना (Ganga Riverfront) बिहार सरकार के द्वारा पूरे इलाके को विकसित करने के लिए बनाई गई है. आपको बता दे की फिलहाल विकास (Ganga Riverfront) का काम अशोक राजपथ स्थित पटना सुरक्षा दीवार और जेपी गंगा पथ के बीच किया जा रहा है. फर्स्ट फेज का कार्य वन विभाग के द्वारा शुरू कर दिया गया है. डीपीआरओ के मुताबिक सभी कामों को क्रमशः किया जाएगा.
अधिकारी ने बताया कि अभी जेपी गंगा पथ और अशोक राजपथ के बीच करीब 20 छोटे-छोटे नालों का पानी गंगा में मुख्य रूप से गिर रहा है. इसमें कुर्जी, राजापुर पुल और मंदिरी के नाले शामिल है. इन सभी प्रमुख नालों के पानी को पाइप लाइन के जरिए दीघा एसटीपी तक ले जाने की योजना बनाई गई है. जहां इसे साफ करने के पश्चात गंगा चैनल में भेजा जाएगा.
मल्टी लेवल पार्किंग का होगा निर्माण
पटना डीएम ने बताया कि कुर्जी से लेकर कलेक्ट्रेट तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबा गंगा चैनल है. अभी फिलहाल इस चैनल में गाद भरा हुआ है. जल्द ही इसे हटाने का काम किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि इसे आधुनिक रूप से तैयार किया जाएगा. ताकि यहां सामान्य दिनों में वोटिंग और छठ महापर्व के दौरान छठ घाट के लिए गंगा के विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सके.
साथ ही इसके अलावा पूर्वी पटना में जेपी गंगा पद से गुरुद्वारा तक सड़क की चौरी करण और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इस इलाके में भी सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर पार्क आदि के रूप में विकसित किया जाएगा.
क्या होगा मुख्य आकर्षण
अधिकारियों के द्वारा जानकारी दी गई है कि यहां गंगा ज्ञान केंद्र बनेगा. जिसमें गंगा की उत्पत्ति से लेकर सभी जानकारी प्राप्त होगी. इसके साथ ही पटना हाट बनेगा जिसमें राज्य के अनूठे सामग्री देखने और खरीदने की भी सुविधा होगी. बोटैनिकल गार्डन बनेगी जिसमें औषधि के साथ अन्य पौधे और फूल मौजूद होंगे.
इसके साथ ही क्रीडा जोन भी बनाया जाएगा. जिसके अंतर्गत दो फुटबॉल, दो क्रिकेट, चार बास्केटबॉल और चार वॉलीबॉल के ग्राउंड बनाए जाएंगे. साथ ही साइकिलिंग करने वालों के लिए एलिवेटेड साइकिल ट्रैक भी मनाया जाएग. खाने पीने के लिए रेस्टोरेंट और कैफेटेरिया भी बनाया जाएगा.
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