IND-W SA-W, Women’s WorldCup: इस वक्त दक्षिण अफ्रीका महिला टीम और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के बीच वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए काफी अहम है क्योंकि फाइनल जीतने के साथ ही टीम इंडिया अपने पहले ओडीआई वर्ल्ड कप के सुखे को खत्म करना चाहेगी.
फाइनल मुकाबले में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने अपनी धुआंधार पारी से गजब का कारनामा किया है और ऐसा कमाल दिखाया जो आज तक भारतीय क्रिकेट में कोई नहीं कर पाया. इन दोनों खिलाड़ियों ने अपनी जबरदस्त साझेदारी से भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने का काम किया है.
IND-W SA-W: शानदार रही टीम इंडिया की शुरुआत
वर्ल्ड कप फाइनल में हर टीम चाहती है कि उसकी तरफ से शुरुआत शानदार हो. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी कुछ ऐसा ही किया. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने 17.4 ओवर में 104 रन जोड़ने का काम किया जिससे दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों पर काफी ज्यादा दबाव बढ़ गया. दोनों की इस साझेदारी से टीम इंडिया को काफी मजबूती भी मिली.
भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है जब किसी भी नॉकआउट वर्ल्ड कप मैच में भारतीय ओपनर ने 100 से अधिक रनों की साझेदारी की हो. फिर चाहे वह महिला क्रिकेट हो या पुरुष. इससे पहले महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग स्टैंड 20 रनों का था जो एस हरि कृष्णा और पूर्णिमा राव के नाम था, लेकिन स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए एक नया इतिहास रचा है. उन्होंने अपनी साझेदारी से पुरुष क्रिकेट के कई रिकॉर्ड को भी तोड़ने का काम किया है.
मंधाना और शेफाली की जोड़ी ने रचा इतिहास
अभी तक देखा जाए तो पुरुषों में वर्ल्ड कप नॉकआउट में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी 90 रनों की थी, जो नवजोत सिंह सिद्धू और सचिन तेंदुलकर ने 1996 में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था जहां स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 104 रनों की साझेदारी से इस रिकार्ड को तोड़ने का काम किया है. इन दोनों खिलाड़ियों ने जिस तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्ले से कमाल दिखाया है, अगर टीम इंडिया का यही प्रदर्शन जारी रहा तो भारतीय महिला क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपनी पहली ओडीआई वर्ल्ड कप हासिल कर सकती है.








