Action On Girdhari Yadav: जदयू की ओर से गिरधारी यादव (Girdhari Yadav) की सदस्यता खत्म करने के लिए कार्रवाई की शुरुआत की जा चुकी है. आपको बता दें कि बांका से जदयू सांसद गिरधारी यादव के लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग उठी है. दरअसल पार्टी द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर पार्टी के नियम का उल्लंघन किया है.
इस पर गिरधारी यादव ने कहा- लोकतंत्र में सभी स्वतंत्र है. नोटिस का जवाब दूंगा. मैंने कुछ अगर गलत किया है जिसका प्रमाण किसी के पास है तो वह उसे पेश करें. इस पूरी घटना के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गर्मा चुकी है.
Girdhari Yadav की सदस्यता होगी रद्द
दरअसल गिरधारी यादव (Girdhari Yadav) के खिलाफ पार्टी ने यह कार्रवाई तब शुरू की जब उनके बेटे ने आरजेडी से विधानसभा चुनाव लड़ा. आपको बता दें कि गिरधारी यादव के बेटे ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिन्होंने बांका के बेलहर सीट से चुनाव लड़ा. इतना ही नहीं उनके ऊपर बेटे के लिए चुनाव प्रचार करने का आरोप भी है. अब इसे लेकर जदयू ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है.
नोटिस मिलने पर क्या बोले गिरधारी यादव?
दरअसल जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने गिरधारी यादव को बांका विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने के लिए नोटिस दिया है. इस पर गिरधारी यादव ने कहा कि जब स्पीकर मुझसे पूछेंगे तो मैं जवाब दूंगा और सबूत भी दूंगा. साल 2010 में पार्टी में शामिल होने के बाद से ही मैं नीतीश कुमार का समर्थन करता रहा हूं. मुझे समझ नहीं आ रहा मेरे खिलाफ ऐसा नोटिस क्यों भेजा गया. मेरा बेटा आरजेडी में है लेकिन वह बालिग है और जो चाहे करने के लिए स्वतंत्र हैं. इस लोकतंत्र में ऐसा कोई नियम नहीं है कि परिवार का कोई सदस्य विरोधी पार्टी में शामिल नहीं हो सकता, इस मामले पर स्पीकर फैसला लेंगे.
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