NEET Student Case: नीट छात्रा मौत मामले में अब सच बाहर आना मुश्किल, SIT ने एम्स को दिए अधूरे दस्तावेज

नीट छात्रा मौत मामले में हर दिन नया एंगल सामने जरूर आ रहा है, लेकिन अभी तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आई हैं कि आखिर आरोपी कौन है. इतना ही नहीं अब पीड़िता को न्याय मिलना काफी मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि एम्स ने एसआईटी को घेरकर

On: Sunday, January 25, 2026 9:01 AM
NEET Student Case

NEET Student Case: पटना के एक हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में जब से एसआईटी जांच करने बैठी है, तब से हर एंगल से जांच हो रही है. इसके बावजूद भी अभी तक इस मामले मैं आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसी बीच देखा जाए तो एम्स पटना के मेडिकल बोर्ड ने एसआईटी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाएं. एम्स बोर्ड का कहना है कि एसआईटी ने अभी तक उन्हें जांच के लिए सभी अनिवार्य और ठोस दस्तावेज नहीं दिए हैं, जिसके बिना किसी भी वैज्ञानिक निष्कर्ष पर पहुंचना बोर्ड के लिए मुश्किल है.

बोर्ड का यह साफ तौर पर कहना है कि किसी भी मेडिकल रिव्यू के लिए केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट काफी नहीं होता. इसके लिए इस पूरे घटना के दिन से लेकर मृत्यु तक की पूरी मेडिकल चेन की जरूरत होती है जो कि बोर्ड के पास उपलब्ध नहीं है.

NEET Student Case: एम्स बोर्ड को नहीं मिले पर्याप्त दस्तावेज

एम्स मेडिकल बोर्ड के पास वह पर्याप्त दस्तावेज नहीं है जिसके मदद से वह इस केस को समझ सके. उन्होंने यह भी कहा कि कई अहम सबूत के इंतजार में वो है. एसआईटी ने उन्हें आधे अधूरे कागजात दिए हैं जिनके आधार पर राय देना इस जांच को भटका सकता है और यह बिल्कुल भी सही नहीं होगा. हालांकि फॉरेंसिक साक्ष्य मिलने के बाद यह साफ हो गया है कि छात्रा के साथ गलत हुआ है इसके बाद आप एसआईटी की चुनौती और भी ज्यादा बढ़ चुकी है.

एम्स रिपोर्ट में हुई यौन हिंसा की पुष्टि

आपको बता दें कि नीट छात्रा मौत मामले में पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे सुसाइड घोषित करने की कोशिश की लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दावे को झूठा साबित करते हुए यौन हिंसा की बात कही. दरअसल छात्रा के शरीर पर चोट के निशान, खरोच और जबरन शारीरिक संबंध की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई और एसआईटी का गठन किया गया.

अब एम्स के पांच विभागों फॉरेंसिक, गायनेकोलॉजी, न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी और मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ इस रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं, जहां हर किसी को बहुत जल्द आरोपी के बाहर आने का इंतजार है जिसके लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की जा रही है.

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