Patna Civil Court Bomb Threat: पटना सिविल कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

पटना सिविल कोर्ट को छठी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली। दो दिन पहले भी मिली थी धमकी। प्रशासन ने कोर्ट परिसर खाली कराकर सुरक्षा बढ़ाई, जांच जारी।

On: Wednesday, February 11, 2026 11:29 AM
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Patna Civil Court Bomb Threat: राजधानी पटना एक बार फिर दहशत के साए में है। पटना सिविल कोर्ट को लगातार छठी बार बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर ने न सिर्फ न्यायिक व्यवस्था बल्कि आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि दो दिन पहले ही इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। बावजूद इसके एक और धमकी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

Patna Civil Court Bomb Threat: बार-बार मिल रही धमकियां, बढ़ रही चिंता

पटना सिविल कोर्ट को यह छठी बार धमकी मिली है। लगातार मिल रही ऐसी सूचनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर इसके पीछे कौन है और उसका मकसद क्या है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर बुलाया गया। हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है।

इस तरह (Patna Civil Court Bomb Threat) की घटनाएं केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती नहीं देतीं, बल्कि आम नागरिकों के मन में भी डर का माहौल पैदा करती हैं। अदालत जैसे संवेदनशील स्थान को निशाना बनाना गंभीर मामला है, क्योंकि यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपने मामलों की सुनवाई के लिए आते हैं।

एहतियातन खाली कराया गया न्यायालय परिसर

धमकी (Patna Civil Court Bomb Threat) की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत पूरे व्यवहार न्यायालय परिसर को खाली करा दिया। मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया और किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ताओं और वादकारियों को बाहर निकाल दिया गया, जिससे कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई।

कई वकीलों ने इस पर नाराजगी भी जताई, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां हर कोने की जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

दो दिन पहले भी मिली थी धमकी

गौरतलब है कि इससे पहले भी ईमेल के जरिए (Patna Civil Court Bomb Threat) धमकी दी गई थी, जो जांच के बाद अफवाह साबित हुई थी। लेकिन बार-बार मिल रही ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कोर्ट, स्कूल और सरकारी दफ्तरों को बम की झूठी धमकियां देने के मामले सामने आते रहे हैं। कई बार यह शरारती तत्वों की करतूत होती है, तो कभी साइबर अपराध के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश।

पटना सिविल कोर्ट में लगातार मिल रही धमकियां प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। पुलिस अब साइबर एंगल से भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से और किस उद्देश्य से भेजी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी

ताजा (Patna Civil Court Bomb Threat) धमकी के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक मामले की पूरी तह तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

लगातार मिल रही धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग, साइबर ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस नेटवर्क को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

न्यायिक व्यवस्था पर असर

ऐसी घटनाओं (Patna Civil Court Bomb Threat) का सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर भी पड़ता है। अदालत का कामकाज प्रभावित होता है, मामलों की सुनवाई टलती है और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई लोग दूर-दराज जिलों से अपने मामलों की सुनवाई के लिए आते हैं। अचानक कोर्ट खाली कराने से उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही यह घटना न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। अगर बार-बार धमकियां मिल रही हैं, तो इसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश करना बेहद जरूरी हो जाता है।

पुलिस जांच में जुटी, सख्त कार्रवाई की तैयारी

फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे (Patna Civil Court Bomb Threat) मामले की जांच में जुटी हैं। अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही सामान्य गतिविधियां बहाल की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर टीम की मदद से ईमेल या अन्य माध्यमों से भेजी गई धमकियों की तकनीकी जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं। लगातार मिल रही (Patna Civil Court Bomb Threat) धमकियों को देखते हुए प्रशासन अब इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

पटना सिविल कोर्ट को छठी बार मिली बम धमकी ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन बार-बार मिल रही (Patna Civil Court Bomb Threat) धमकियां चिंता का विषय हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और जांच जारी है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे शरारती तत्वों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायिक संस्थानों की गरिमा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आम नागरिकों को भी अफवाहों से बचते हुए प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

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