Patna Cyber Fraud: क्रिकेट का जुनून भारत में किसी त्योहार से कम नहीं माना जाता। खासकर जब बात T20 वर्ल्ड कप की हो, तो हर मैच के साथ लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच जाता है। लेकिन इसी उत्साह का फायदा उठाकर कुछ शातिर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने में जुटे हैं। राजधानी पटना में पुलिस ने ऐसे ही एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो T20 वर्ल्ड कप के नाम पर सट्टेबाजी और निवेश के झांसे देकर लोगों को ठग रहा था।
इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब साइबर अपराध छोटे शहरों से निकलकर बिहार की राजधानी तक (Patna Cyber Fraud) गहरी जड़ें जमा चुके हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जहां एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, वहीं लोगों को भी सतर्क रहने की चेतावनी मिल गई है।
Patna Cyber Fraud: किराए के मकान से चलता था सट्टे और ठगी का पूरा नेटवर्क
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कदमकुआं थाना क्षेत्र के लोहानीपुर काटपुल के पास एक किराए के मकान में संदिग्ध गतिविधियां (Patna Cyber Fraud) चल रही हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने छापेमारी की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान हरीश कुमार, छोटू कुमार, सुमित कुमार, अमरजीत कुमार, हरिओम और कुंदन कुमार के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह T20 वर्ल्ड कप मैचों में रन, विकेट और टीम की जीत-हार पर दांव लगवाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
अपराधी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें आसान कमाई का लालच देते थे। शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा जीत लिया जाता था, फिर बड़ी रकम लगवाकर अचानक संपर्क तोड़ दिया जाता था। कई लोग यह समझ ही नहीं पाते थे कि वे सट्टेबाजी नहीं बल्कि साइबर ठगी (Patna Cyber Fraud) का शिकार हो चुके हैं।
शेयर बाजार निवेश का झांसा देकर भी की जाती थी ठगी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं था। आरोपी खुद को निवेश सलाहकार बताकर लोगों को शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का दावा करते थे। नकली ऐप और फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को नकली लाभ दिखाया जाता था, जिससे वे और अधिक पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित हो जाते थे। जब रकम बड़ी हो जाती, तो आरोपी (Patna Cyber Fraud) अचानक सभी संपर्क बंद कर देते थे। इस तरह कई लोग लाखों रुपये गंवा चुके होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब पीड़ितों की पहचान करने और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।
लखनऊ से जुड़ा मिला नेटवर्क, कई राज्यों में फैला हो सकता है गिरोह
पूछताछ के दौरान यह अहम जानकारी सामने आई कि पूरा (Patna Cyber Fraud) नेटवर्क कथित तौर पर लखनऊ से संचालित किया जा रहा था। यानी पटना में मौजूद आरोपी केवल स्थानीय ऑपरेटर थे, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड दूसरे शहर से पूरे सिस्टम को कंट्रोल कर रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, वाई-फाई राउटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और क्रेडिट कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन डिवाइसों से बड़े स्तर पर डिजिटल सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पटना पुलिस ने (Patna Cyber Fraud) मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस से संपर्क किया है और संयुक्त जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, क्यों बन रहे लोग आसान शिकार?
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में साइबर अपराध (Patna Cyber Fraud) के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। पहले ऐसे गिरोह झारखंड या बड़े महानगरों तक सीमित माने जाते थे, लेकिन अब छोटे शहरों और कस्बों तक उनका नेटवर्क फैल चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन पेमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों की जागरूकता उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाई है। यही कारण है कि आसान कमाई, क्रिकेट सट्टेबाजी या निवेश के नाम पर लोग जल्दी भरोसा कर लेते हैं।
क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल का नाम इस्तेमाल करना अपराधियों की नई रणनीति बन गई है, क्योंकि मैच के दौरान लोग जल्दी मुनाफा कमाने की उम्मीद में जोखिम उठाने लगते हैं।
पुलिस की अपील: लालच से बचें, संदिग्ध लिंक से रहें दूर
पटना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन ग्रुप के जरिए सट्टेबाजी या निवेश के ऑफर पर भरोसा न करें। पुलिस का कहना है कि वैध निवेश हमेशा अधिकृत प्लेटफॉर्म और पंजीकृत संस्थानों के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी अवैध है और इसमें शामिल होने वाले लोग कानूनी कार्रवाई के दायरे में भी आ सकते हैं। इसलिए थोड़े से लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
फिलहाल सभी गिरफ्तार (Patna Cyber Fraud) आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस साइबर ठगी गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह मामला केवल एक गिरोह की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी चेतावनी भी है। अगर समय रहते जागरूकता नहीं बढ़ी, तो ऐसे अपराध आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
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