Patna Zoo: पटना के सबसे पसंदीदा घूमने वाले स्थानों में शामिल संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अचानक चिड़ियाघर के मुख्य गेट पर ताला लगने से लोगों में सवाल उठने लगे, लेकिन इसके पीछे की वजह गंभीर है। राजधानी पटना में एवियन इंफ्लूएंजा (H5N1) यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद एहतियातन यह फैसला लिया गया ताकि इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हर साल हजारों परिवार और पर्यटक यहां घूमने आते हैं, इसलिए जोखिम को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।
07 मार्च तक पूरी तरह बंद रहेगा Patna Zoo, संक्रमण क्षेत्र के करीब होने से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, बिहार पशु विश्वविद्यालय से जुड़े पॉल्ट्री अनुसंधान केंद्र के नमूनों की जांच में H5N1 वायरस पाया गया है। यह केंद्र चिड़ियाघर से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसे संक्रमण का एपिसेंटर माना जा रहा है। सरकार के सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़भाड़ रोकना जरूरी होता है, इसलिए प्रशासन ने Patna Zoo को 07 मार्च 2026 तक पूरी तरह बंद रखने का निर्देश जारी किया है। इस दौरान न सिर्फ पर्यटकों बल्कि मॉर्निंग वॉकर और पासधारकों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू पक्षियों के जरिए तेजी से फैल सकता है, इसलिए शुरुआती चरण में ही रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
पटना के कई इलाकों में संदिग्ध मामले, बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू
बर्ड फ्लू की आशंका केवल एक जगह तक सीमित नहीं रही। पी.सी. कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना हाईकोर्ट परिसर, कौशल नगर और चितकोहरा समेत कई इलाकों में कौओं और कुक्कुटों की असामान्य मौत के मामले सामने आए, जिसके बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। संक्रमण की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार के एक्शन प्लान के तहत प्रभावित क्षेत्र घोषित कर व्यापक कार्रवाई शुरू की गई। रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन कर हजारों कुक्कुटों का शमन (कुलिंग), हजारों अंडों का नष्टिकरण और संक्रमित दाने को खत्म किया गया। साथ ही आसपास के इलाकों में लगातार डिसइन्फेक्शन अभियान चलाकर जैव सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है ताकि संक्रमण आगे न फैल सके।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, सतर्क रहें और नियमों का पालन करें
चिड़ियाघर (Patna Zoo) प्रशासन और जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर किसी इलाके में मृत पक्षी दिखाई दें तो तुरंत पशुपालन विभाग को सूचना दें और उन्हें छूने से बचें। जिन लोगों ने आने वाले दिनों में पटना जू घूमने का प्लान बनाया था, उन्हें फिलहाल यात्रा टालने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय रहते उठाए गए ऐसे कदम बड़े संक्रमण को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का लक्ष्य साफ है — लोगों की सुरक्षा और बीमारी पर समय रहते नियंत्रण।
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