PMCH में नवजात चोरी की कोशिश नाकाम, रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी महिला, CCTV से खुला पूरा राज

पटना PMCH में नवजात चोरी की बड़ी साजिश नाकाम। रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी महिला को CCTV की मदद से पकड़ा गया। जानिए पूरी घटना, पुलिस कार्रवाई और नए सुरक्षा नियम।

On: Wednesday, February 25, 2026 11:35 AM
PMCH

PMCH: पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में सोमवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की चिंता दोनों को एक साथ उजागर कर दिया। जन्म के कुछ ही घंटों बाद एक नवजात को चोरी करने की कोशिश की गई, लेकिन समय रहते परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता ने बड़ी वारदात होने से बचा लिया। यह घटना सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि अस्पतालों में सुरक्षा, भरोसे और मानवीय भावनाओं के जटिल रिश्ते को भी सामने लाती है।

विश्वास का फायदा उठाकर वार्ड से ले गई नवजात को

घटना PMCH प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की है, जहां कमला नेहरू नगर निवासी एक महिला ने सुबह करीब 8 बजे बेटे को जन्म दिया था। परिवार में खुशी का माहौल था और मां प्रसव के बाद आराम कर रही थी। इसी दौरान वार्ड में मौजूद एक महिला ने खुद को रिश्तेदार बताकर धीरे-धीरे परिवार का भरोसा जीत लिया। दोपहर करीब 1 बजे, जब नवजात के पिता कुछ जरूरी काम से बाहर गए हुए थे और मां गहरी नींद में थी, तभी आरोपी महिला ने मौका देखा। उसने बच्चे को कपड़े में छिपाया और चुपचाप वार्ड से बाहर निकल गई।

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान में इस तरह किसी का आसानी से प्रवेश और विश्वास हासिल कर लेना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अक्सर सरकारी अस्पतालों में भीड़ और खुला माहौल ऐसी घटनाओं के लिए अवसर बना देता है।

CCTV और सतर्कता से बची बड़ी वारदात

जब बच्चे के पिता वापस लौटे और नवजात को बिस्तर पर नहीं पाया, तो पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।  PMCH पुलिस चौकी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल परिसर के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज में एक महिला संदिग्ध हालत में अस्पताल परिसर से बाहर की ओर जाती दिखाई दी।

सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने तुरंत खोजबीन शुरू की और PMCH अस्पताल गेट के पास दुर्गा मंदिर के समीप आरोपी महिला को पकड़ लिया। इस दौरान गुस्साए लोगों की भीड़ ने उसकी पिटाई भी कर दी, हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और महिला को हिरासत में ले लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से नवजात सुरक्षित मिल गया और उसे तुरंत मां को सौंप दिया गया।

सामाजिक दबाव बना अपराध की वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने जो कहानी बताई, उसने इस घटना को एक अलग सामाजिक पहलू भी दे दिया। उसने बताया कि शादी के तीन साल बाद भी संतान न होने के कारण उसे ससुराल में लगातार ताने और प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। समाज में मातृत्व को लेकर मौजूद दबाव और मानसिक तनाव कई बार लोगों को गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है। हालांकि कानून ऐसे किसी भी अपराध को स्वीकार नहीं करता, लेकिन यह घटना सामाजिक सोच पर भी सवाल खड़े करती है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।

अब अस्पताल में लागू होंगे कड़े सुरक्षा नियम

घटना के बाद PMCH अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुराने वार्डों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अब मरीज के साथ केवल एक अधिकृत परिजन को ही पहचान पत्र (ID) के आधार पर वार्ड में प्रवेश मिलेगा। साथ ही सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और CCTV निगरानी को और सख्त करने की योजना बनाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सरकारी अस्पतालों में रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए डिजिटल एंट्री सिस्टम और विजिटर मैनेजमेंट जैसी आधुनिक व्यवस्था अब जरूरी हो गई है।

बढ़ती घटनाएं और जरूरी सबक

पिछले कुछ वर्षों में देश के कई अस्पतालों से नवजात चोरी या चोरी की कोशिश की घटनाएं सामने आई हैं। अधिक भीड़, खुला प्रवेश और पहचान सत्यापन की कमी ऐसे अपराधों को आसान बना देती है। PMCH की यह घटना भले ही टल गई, लेकिन इसने एक बड़ा सबक जरूर दिया है—अस्पताल में सिर्फ डॉक्टर और दवा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। परिवारों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा करने से बचना चाहिए। एक छोटी सी सावधानी कई बार बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है।

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