Sheetla Mandir Stampede: नालंदा के शीतला मंदिर (Sheetla Mandir) में जो भगदड़ मची थी, अब उसे लेकर बहुत बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले में पांच पंडा को गिरफ्तार किया गया है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के प्रोफेसर रणवीर नंदन ने इसे बड़ी चूक का नतीजा बताते हुए अपना फैसला सुनाया है. यह बड़ी लापरवाही के कारण घटना हुई है जिसमें आधा दर्जन से भी ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवांई. इस मामले में 20 नामजद के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है. इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों ने पुलिस पर निर्दोष लोगों को फसाने का आरोप लगाया है.
Sheetla Mandir भगदड़ मामले में 20 पर एफआईआर
पंडा समिति के जिन चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, उन पर यह आरोप है कि उन्होंने घटना के पहले भी पुलिस को यह सूचना नहीं दी थी कि मंदिर में भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा है, ताकि पुलिस बल मंदिर में तैनात हो सके. पंडा समिति पर पुलिस ने यह आरोप लगाया है कि पैसे की लालच में आकर उन्होंने कई लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के की मदद से यह जाना कि घटना के समय पर सभी पंडा मंदिर (Sheetla Mandir) में ही मौजूद थे लेकिन किसी ने भी पुलिस को सूचना नहीं दी. स्थानीय लोगों का कहना है की भीड़ अनियंत्रित होने का सबसे बड़ा कारण यह था कि पीछे के दरवाजे से श्रद्धालुओं को अंदर भेजने का काम किया जा रहा था जिस कारण भिड़ अनियंत्रित हो गई और अंदर भगदड़ मचने के कारण आधा दर्जन से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई.
बड़ी चूक के कारण शीतला मंदिर में भगदड़
आपको बता दें कि नालंदा शीतला मंदिर (Sheetla Mandir) में हुई भगदड़ में 9 लोगों की मौत हो गई थी. 20 लोगों में से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी जो शेष 16 पंडा समाज के लोग हैं उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करते हुए तलाशी अभियान चला रही है क्योंकि यह सभी फरार है. इस घटना के तुरंत बाद सभी पंडा मौके से फरार हो गए थे. मौके पर स्थानीय लोगों ने घटना होने के तुरंत बाद अपनी सूझबूझ से लोगों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया. यह भी दावा किया जा रहा है कि इस घटना के 40 मिनट बाद एंबुलेंस बुलाया गया और पुलिस पहुंची, तब तक कई लोगों ने अपना दम तोड़ दिया था.
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