Bihar Governor: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों की नियुक्ति में बड़ा बदलाव किया। इसी क्रम में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल Syed Ata Hasnain को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान राज्यपाल Arif Mohammad Khan का स्थान लेंगे। इस घोषणा के बाद Patna स्थित राजभवन में नई नियुक्ति को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर पदभार ग्रहण समारोह की संभावित रूपरेखा तैयार की जा रही है और राजनीतिक गलियारों में भी इस नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Bihar Governor: शेरवुड कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तक की शिक्षा
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उनकी शुरुआती पढ़ाई नैनीताल के प्रतिष्ठित Sherwood College में हुई, जहां से उन्होंने अनुशासन और नेतृत्व की बुनियादी सीख हासिल की। इसके बाद उन्होंने University of Delhi से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सैन्य रणनीति और वैश्विक सुरक्षा की गहरी समझ के लिए उन्होंने लंदन के Royal College of Defence Studies और अमेरिका के हवाई स्थित Asia-Pacific Center for Security Studies में भी विशेष अध्ययन किया। इन संस्थानों में प्रशिक्षण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मामलों की गहरी समझ दी, जो उनके सैन्य और बाद के सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
सेना में चार दशकों की सेवा और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
सैयद अता हसनैन का सैन्य करियर 1974 में शुरू हुआ, जब उन्हें Indian Military Academy से प्रशिक्षण के बाद Garhwal Rifles की चौथी बटालियन में कमीशन मिला। लगभग चार दशक लंबे करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। खासतौर पर Jammu and Kashmir में आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी रणनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने XV Corps (Chinar Corps) की कमान संभाली, जिसका मुख्यालय Srinagar में है। इसके अलावा वे 21 कोर के कमांडर भी रहे। 2013 में सेना मुख्यालय में मिलिट्री सेक्रेटरी के पद से सेवानिवृत्त होने से पहले उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया और भारतीय सेना में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
सम्मान, शिक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका
देश के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें Param Vishisht Seva Medal, Uttam Yudh Seva Medal और Ati Vishisht Seva Medal जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान दिए गए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। वर्ष 2018 में उन्हें Central University of Kashmir का चांसलर नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीति और भू-राजनीतिक मुद्दों पर एक प्रमुख विश्लेषक के रूप में भी जाने जाते हैं। बिहार के नए राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव, सैन्य अनुशासन और रणनीतिक सोच के संयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
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