Shravan Kumar: पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने जदयू विधानमंडल दल के नेता का चुनाव कर लिया है. दरअसल जब पटना में नीतीश कुमार ने मीटिंग बुलाई तो यह कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार के नाम पर विचार किया जा सकता है, लेकिन तमाम दावों को खारिज करते हुए नीतीश कुमार ने अपने पुराने करीबी और पार्टी के साथ पिछले कई सरकारों में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री श्रवण कुमार (Shravan Kumar) पर भरोसा जताया है.
श्रवण कुमार को जदयू विधानमंडल दल का नेता चुना गया है. दरअसल नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया था. इसके बाद नीतीश कुमार ने बैठक बुलाई. अब वह अपने करीबी रहे श्रवण कुमार को एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंप रहे हैं.
नीतीश कुमार के भरोसेमंद है Shravan Kumar
आपको बता दें कि नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस बैठक में सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए थे. जब विधानमंडल दल के नेता के नाम पर मंथन हुआ तो पहले यह खबर थी कि विजय कुमार चौधरी समेत कुछ नाम पर विचार हो रहा है, लेकिन श्रवण कुमार (Shravan Kumar) के पक्ष में अंतिम फैसला गया. नीतीश कुमार की तरह ही श्रवण कुमार बिहार की सियासत में पुराना चेहरा माने जाते हैं, जो अब पार्टी में एक नई और अहम भूमिका निभाएंगे.
नीतीश कुमार के बेहद करीबी है श्रवण कुमार
पिछले तीन दशक से श्रवण कुमार (Shravan Kumar) विधायक हैं जो नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा जिले से आते हैं. दोनों एक ही जाति से आते हैं. यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि 1974 के छात्र आंदोलन के समय से ही श्रवण कुमार नितीश कुमार के करीबी रहे हैं. नीतीश कुमार के साथ साये की तरह रहने वाले श्रवण कुमार को यह बड़ी जिम्मेदारी नीतीश कुमार ने बहुत सोच समझ कर दी है. हाल ही में श्रवण कुमार के सिक्योरिटी में भी इजाफा किया गया जिन्हें वाइ सिक्योरिटी प्रदान की गई थी. उसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे और अब इस बात पर मोहर लगाती नजर आ रही है.








