Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में दुखद मौत से पूरा देश इस वक्त शोक में है. सोशल मीडिया पर लगातार इस घटना को लेकर लोग अपनी- अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग इसे हत्या तो वहीं कुछ लोग इसे महज एक घटना बता रहे हैं. आपको बता दें कि आज से करीब दो हफ्ते पहले अजीत पवार ने 1999 की भाजपा- शिवसेना सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया था और यह दावा किया था कि आज भी यह फाइल उनके पास है.
हालांकि भाजपा को इस बात से चिंता होने लगी थी जिस पर उन्होंने हैरानी जताई. यही वजह है कि अब अजीत पवार की मौत को इस मामले से जोड़ा जा रहा है. हालांकि इस बारे में सच्चाई क्या है, कुछ भी कहा नहीं जा सकता.
Ajit Pawar Death: अजीत पवार के पास थी भाजपा के भ्रष्टाचार की फाइल
13 जनवरी को अजित पवार ने यह कहा था कि 1999 में पार्टी फंड के लिए एक सिंचाई परियोजना की लागत 100 करोड रुपए बढ़ाकर पेश की गई थी. पुरांदार लिफ्ट सिंचाई योजना की फाइल 1999 में मेरे पास आई तो यह 330 करोड रुपए की योजना बताई गई थी. मैंने परियोजना पर आने वाले खर्च का पता लगाया तो पता चला कि यह 220 करोड रुपए में पूरी हो सकती है.
साथ ही साथ यह भी पता चला कि अनुमानित खर्च में 100 करोड़ पार्टी फंड के नाम पर और 10 करोड़ संबंधित अफसर के लिए जोड़े गए थे. आपको बता दें कि 1995 से 1999 के बीच महाराष्ट्र में भाजपा और विभाजित शिवसेना की सरकार थी. उस वक्त एकनाथ शिंदे भाजपा के तरफ से सिंचाई मंत्री थे.
प्लेन क्रैश में हुई अजीत पवार की मौत
सुबह लगभग 9 बजे बरामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान डिप्टी सीएम अजित पवार जिस विमन में सवार थे, वह क्रैश हो गया. उनके साथ 4 और लोग मारे गए. विमान में अजीत पवार के अलावा उनके पर्सनल असिस्टेंट, एक सुरक्षा कर्मी और एक प्लेन स्टाफ मौजूद था. प्लेन क्रैश होने के बाद इतना गंभीर धमाका हुआ कि इस धमाके में किसी के भी बचने की गुंजाइश नहीं थी.
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