Bangladesh Violence: बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंसा ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. हाल ही में दीपू चंद्र दास और अमित मंडल की भयावह रूप से हत्या कर दी गई जिसके बाद देखा जा रहा है कि वहां पर हिंदू नागरिकों को लगातार सताया जा रहा है, जो अब वहां से बाहर आने को बेताब है.
इतना ही नहीं बांग्लादेश में फंसे हिंदू अब भारत से सीमाएं खोलने की गुहार लगा रहे हैं. दरअसल तारीख रहमान की वापसी ने अब वहां के हिंदुओं की चिंता और भी ज्यादा बढ़ा दी है जिन्हें वहां का कट्टरपंथी नेता माना जाता है. हिंदू उत्पीड़न से बचने के लिए लोग भारत को एकमात्र रक्षक मान रहे हैं.
Bangladesh Violence: बांग्लादेशी हिंदुओं को सता रहा डर
बांग्लादेश में फंसे अल्पसंख्यक हिंदुओं का यह कहना है कि हम बुरी तरह फंस गए हैं और हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है. हम इसलिए अपमान सह रहे हैं क्योंकि हमें डर है कि जो दीपू या अमृत का हुआ, वैसा हाल हमारा ना हो जाए.
आपको बता दे कि बांग्लादेश में फंसे अल्पसंख्यक हिंदू अपने आप को बेबस और मजबूर मान रहे हैं जिनका कहना है कि वह भारत जरूर भाग सकते हैं लेकिन सीमा पर इस वक्त कड़ी निगरानी है. आपको बता दें कि बांग्लादेश में 2.5 करोड़ हिंदू है जो कहीं से भी एक छोटी संख्या नहीं है.
हिंदुओं को सहना पड़ रहा अपमान
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस वक्त बांग्लादेश के ढाका, रंगपुर, चित्तागांग और मयमन सिंह में रहने वाले हिंदुओं में सबसे ज्यादा डर का माहौल देखने को मिल रहा है. लोगों का कहना है कि उन्हें जो ताने सुनने को मिलते हैं, वह जल्द ही भीड़ द्वारा की जाने वाली हत्याओं में तब्दील हो सकते हैं. इसलिए वहां लोग डर के मारे चुप रहने को मजबूर है, जिनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है और वह अपमान सह रहे है.
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