Bihar Bijli Bill: बिहार चुनाव से पहले नीतिश सरकार ने 125 यूनिट बिजली हर परिवार को मुफ्त देने की घोषणा की थी, लेकिन नए साल की शुरुआत होने के साथ ही अब बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को जोरदार झटका लगा लगता नजर आ रहा है. बिहार में बिजली की गुणवत्ता और उपभोक्ता को मिलने वाली सेवा की निगरानी अब सीधे सीएम सचिवालय से होगी.
बिहार विद्युत विनियामक बोर्ड की जन सुनवाई में एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया और तय किया गया कि सभी श्रेणियां में 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए जाएंगे. हालांकि अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी, जिसमें सप्लाई और सुविधा सेवा की निगरानी पर भी जोड़ दिया जाएगा.
Bihar Bijli Bill: 1 अप्रैल 2026 से बिहार में महंगी होगी बिजली
अगले वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली दरे बिहार में तय होगी. दरअसल नई बिजली दर का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. मौजूदा समय में सरकार की तरफ से जो 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाती है, उसके बाद जो अतिरिक्त यूनिट का इस्तेमाल होता है उस पर 35 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त चार्ज लगाने का प्रस्ताव रखा गया है.
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आम लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा. साथ ही साथ शहरी उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है. इतना ही नहीं छोटे दुकानदारों पर फिक्स चार्ज में 50 रूपये कम करने का भी प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि यूनिट दर बढ़ाने के बाद कुल बिल पर इसका असर किस प्रकार रहेगा, यह टैरिफ मंजूरी के बाद ही पता चलेगा.
शहरी उपभोक्ताओं को खुश करने में जुटी सरकार
आपको बता दें कि साउथ और नॉर्थ बिहार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने शहरी इलाकों में दो स्लैब को एक करने का प्रस्ताव रखा है. अगर यह मंजूरी मिलती है तो 7.7 रुपए प्रति यूनिट की दर लागू होगी. यानी कि शहरी उपभोक्ताओं को 125 यूनिट फ्री बिजली के बाद हर यूनिट पर 1.18 रुपए की राहत मिल सकती है. साफ तौर पर यह देखा जा सकता है कि शहरी उपभोक्ताओं को खुश करने के लिए और शहरी वोट बैंक को साधने की कोशिश के लिए सरकार ने यह बड़ा दांव खेला है.








