Bihar Crime ED Action: बिहार में भू-माफिया और बालू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और जिला पुलिस की गहन जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कुल 20 माफियाओं की लगभग 54.88 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने की अनुशंसा की गई है। इस कार्रवाई से बिहार के अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
Bihar Crime ED Action: जेल में बंद राजद नेता रीतलाल यादव के भाई का नाम भी सूची में
इस सूची में सबसे चर्चित नाम दानापुर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव उर्फ टिंकू यादव का है। रीतलाल यादव और उनके भाई दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। उन पर एक बिल्डर से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।
8 भू-माफिया और 12 बालू माफिया पर होगी संपत्ति जब्ती
प्रस्ताव के अनुसार, 8 भू-माफियाओं की संपत्तियों को पीएमएलए के तहत जब्त किया जाएगा, जिनमें पटना जिले के पांच कुख्यात नाम शामिल हैं। इनमें दानापुर के पारस राय और उनके पुत्र राजबल्लभ कुमार, खुसरूपुर के संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन, खगौल के टिकू कुमार, भोजपुर के कामाख्या सिंह, दरभंगा के मो. रिजवान और कैमूर के वीरेंद्र बिंद शामिल हैं। इन सभी की कुल संपत्ति करीब 39 करोड़ रुपये आंकी गई है।
वहीं, 12 बालू माफियाओं की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिनमें बांका जिले के छह कुख्यात बालू माफिया शामिल हैं। इस सूची में नीलेश यादव, संजय यादव, छोटू यादव, बादल यादव, आजाद यादव, और अन्य नाम शामिल हैं। इनकी कुल संपत्ति का मूल्य 15.09 करोड़ रुपये बताया गया है।
PMMLA के तहत कार्रवाई, ED करेगी अंतिम फैसला
ईओयू और जिला पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। डीआईजी मनजीत सिंह ढिल्लों और एसपी विनय कुमार तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अवैध संपत्ति अर्जन और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रयाग ग्रुप पर भी ED की बड़ी चोट, 110 करोड़ की संपत्ति कुर्क
इसी क्रम में प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने पहले ही 110 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में फैली 450.42 एकड़ जमीन और अन्य ढांचे शामिल हैं। कंपनी के निदेशक बासुदेब बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची के नाम दर्ज करीब 6 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है। यह कार्रवाई 15 दिसंबर को जारी अस्थायी कुर्की आदेश के तहत की गई थी।
बिहार में माफिया राज पर निर्णायक वार
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में माफिया नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। सरकार और जांच एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि अवैध कमाई और अपराध के दम पर खड़ी की गई संपत्तियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।








