Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग से पहले पटना जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों ने अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जिला प्रशासन को सौंप दिया है। दिलचस्प बात यह है कि खर्च के मामले में तेजस्वी यादव की पार्टी RJD (राजद) के प्रत्याशियों ने ही सबसे अधिक और सबसे कम खर्च करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
Bihar Election 2025: कौन प्रत्याशी कितना खर्च किया
चुनाव आयोग की तय सीमा ₹40 लाख रुपए है, लेकिन अधिकतर प्रत्याशियों ने इसका आधा भी खर्च नहीं किया। आंकड़ों के अनुसार
| विधानसभा सीट | प्रत्याशी | पार्टी | खर्च (₹ लाख) |
| फतुहा | डॉ. रामानंद यादव | RJD | 17.56 |
| दानापुर | रामकृपाल यादव | BJP | 13.26 |
| मोकामा | अनंत सिंह | JDU | 10.84 |
| बाढ़ | कर्णवीर सिंह यादव | RJD | 12.71 |
| बख्तियारपुर | अरुण कुमार | LJP (R) | 4.12 |
| दीघा | रीतेश रंजन सिंह (जन सुराज) | — | 14.36 |
| दीघा | डॉ. संजीव चौरसिया | BJP | 9.11 |
| बांकीपुर | नितिन नवीन | BJP | 8.06 |
| मनेर | भाई वीरेंद्र | RJD | 3.49 |
| कुम्हरार | इंद्रदीप चंद्रवंशी | कांग्रेस | 8.08 |
| पटना साहिब | शशांत शेखर | कांग्रेस | 9.05 |
| मसौढ़ी | रेखा देवी | RJD | 13.68 |
| बिक्रम | सिद्धार्थ सौरभ | BJP | 5.89 |
| पालीगंज | सुनील कुमार | LJP (R) | 7.06 |
| पालीगंज | संदीप सौरभ | भाकपा माले | 4.42 |
| फुलवारी | श्याम रजक | JDU | 7.91 |
सबसे अधिक खर्च करने वाले — फतुहा के डॉ. रामानंद यादव
फतुहा विधानसभा से RJD उम्मीदवार डॉ. रामानंद यादव ने प्रचार में सबसे ज्यादा ₹17.56 लाख खर्च किए हैं। उन्होंने जनसंपर्क, प्रचार वाहनों, सभा और प्रचार सामग्री पर यह राशि खर्च की। वहीं, मनेर से RJD उम्मीदवार भाई वीरेंद्र ने मात्र ₹3.49 लाख का खर्च दिखाया है, जो जिले में सबसे कम है।
कैसे तय होते हैं खर्च के आंकड़े
प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित व्यय सीमा के भीतर रहकर प्रचार करना होता है। जिला प्रशासन की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम, वीडियो सर्विलांस टीम और एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग यूनिट लगातार प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखती है। मंगलवार को सभी प्रत्याशियों के एजेंटों ने व्यय कोषांग कार्यालय में अपने खर्च के ब्योरे जमा किए।
ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा ब्योरा
सभी प्रत्याशियों को अपने खर्च का विवरण चुनाव आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार तक अंतिम खर्च का आधिकारिक डेटा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया जाएगा।
प्रशासन की सख्त निगरानी में रहा चुनाव प्रचार
जिला प्रशासन ने पूरी चुनाव अवधि के दौरान व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। उनकी निगरानी में प्रचार खर्च की हर गतिविधि पर नज़र रखी गई — पोस्टर, बैनर, रैली, वाहनों के खर्च से लेकर चाय-पानी तक की जांच की गई।
पटना जिले में चुनावी खर्च के ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि चुनावी मैदान में पैसे की चमक और संयम दोनों नजर आए हैं। तेजस्वी यादव के उम्मीदवारों ने जहां रिकॉर्ड बनाया, वहीं कई प्रत्याशियों ने सादगी और सीमित संसाधनों से भी प्रभावशाली प्रचार किया।








