Patna News: पैक्स अध्यक्ष संजीत भालू हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार, राजनीतिक रंजिश की आशंका

पटना के मनेर में पैक्स अध्यक्ष संजीत भालू हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता राजेश रंजन गिरफ्तार। पुलिस राजनीतिक रंजिश की आशंका और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

On: Monday, October 26, 2026 12:00 PM
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Patna News: बिहार की राजधानी पटना के पास मनेर में नवरात्र की महाअष्टमी की रात हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। इस घटना में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भालू की जान चली गई, जबकि प्रखंड प्रमुख रिंकी देवी के पति पिंटू कुमार उर्फ पिंटू पॉयजन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। पुलिस ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे राजेश रंजन उर्फ राजेश मुखिया को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में वारदात के पीछे राजनीतिक रंजिश की आशंका सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस घटना की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, गोली चलाने वाले शूटरों समेत बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। ऐसे में इस मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

Patna News: महाअष्टमी की रात ब्यापुर गांव में हुई थी ताबड़तोड़ गोलीबारी

यह घटना पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र के ब्यापुर गांव की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 की रात नवरात्र की महाअष्टमी के दौरान गांव की मस्जिद गली में बाइक सवार चार अपराधियों ने संजीत कुमार और पिंटू कुमार को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।

गोलीबारी में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भालू की मौत हो गई, जबकि पिंटू कुमार उर्फ पिंटू पॉयजन गंभीर रूप से घायल हो गए। एक ही घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने से गांव में दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

घायल पिंटू कुमार के फर्द बयान के आधार पर मनेर थाने में कांड संख्या 1042/26 दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस टीम को घटना के पीछे की वजह का पता लगाने के साथ-साथ वारदात में शामिल लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल की। इसी क्रम में ब्यापुर निवासी राजेश रंजन उर्फ राजेश मुखिया का नाम सामने आया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई और घटना को अंजाम देने के लिए किन लोगों ने किस तरह की भूमिका निभाई।

वारदात से पहले पटना जंक्शन से सिलीगुड़ी भागने का दावा, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार राजेश रंजन वारदात के करीब आधे घंटे पहले ही पटना जंक्शन से ट्रेन पकड़कर सिलीगुड़ी के लिए रवाना हो गया था। जांच में सामने आई इस जानकारी को पुलिस घटना के बाद आरोपी की गतिविधियों से जोड़कर देख रही है। हालांकि, उसके फरार होने की पूरी परिस्थितियों और घटना में उसकी कथित भूमिका की पुष्टि जांच के अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इस जानकारी के बाद जांच टीम अब कथित साजिश की दूसरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर हमले की योजना बनाने, अपराधियों को जुटाने या गोलीबारी को अंजाम देने में भूमिका निभाई।

जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, राजेश रंजन के खिलाफ मनेर थाने में पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई और फिर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, पहले से दर्ज मामलों की जानकारी अपने आप में मौजूदा हत्याकांड में उसकी दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। इस मामले में आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगी।

पुलिस अब गोली चलाने वाले शूटरों और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच टीम के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना, उनके बीच संपर्क और कथित साजिश के क्रम का पता लगाना है। साथ ही, वारदात के पीछे राजनीतिक रंजिश की आशंका को भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परखा जा रहा है।

मनेर के इस हत्याकांड ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक तनाव से जुड़ी हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पैक्स अध्यक्ष जैसे स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले व्यक्ति की हत्या और एक अन्य व्यक्ति पर जानलेवा हमले के बाद लोगों की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

फिलहाल, मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। जब तक कथित शूटरों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तथा वारदात के पीछे की पूरी वजह सामने नहीं आती, तब तक कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस आगे की जांच में किन तथ्यों का खुलासा करती है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है।

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