Purnia News: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच पूर्णिया जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के खंजाती हाट थाना क्षेत्र के यूरोपियन कॉलोनी में बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और खाद-बीज व्यवसायी नवीन कुशवाहा, उनकी पत्नी कंचन माला और बेटी तनु प्रिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तीनों की एक साथ उठी अर्थी ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
Purnia News: घटना कैसे हुई?
मंगलवार शाम को यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार के तीनों सदस्य घर में मौजूद थे। मृतक के भाई और जेडीयू नेता निरंजन कुशवाहा ने बताया कि सबसे पहले बेटी तनु प्रिया, जो मेडिकल कॉलेज की चौथे वर्ष की छात्रा थी, अचानक गिर पड़ी और बेहोश हो गई। उसे बचाने की कोशिश में पिता नवीन कुशवाहा भी गिर पड़े। यह दृश्य देखकर मां कंचन माला को सदमा लगा और वह भी गिर पड़ीं। तीनों को परिजनों ने आनन-फानन में निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने जताई शंका
डॉक्टरों ने इस घटना को लेकर संदेह जताया है। डॉक्टरों के अनुसार, नवीन कुशवाहा के गले में फांसी के निशान पाए गए हैं। बेटी तनु प्रिया के सिर के पीछे चोट का निशान मिला है। पत्नी कंचन माला के शरीर पर बाहरी चोट नहीं मिली, लेकिन वे कई बीमारियों से ग्रसित थीं। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला प्राथमिक दृष्टि में आत्महत्या का लग रहा है, हालांकि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कौन थे नवीन कुशवाहा?
नवीन कुशवाहा पूर्णिया के एक प्रमुख खाद-बीज व्यवसायी थे। उन्होंने 2009 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) से पूर्णिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। 2010 में धमदाहा विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। स्थानीय स्तर पर वे कुशवाहा समाज के प्रभावशाली नेता माने जाते थे।
पुलिस जांच जारी
पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घर का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि “घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। गले और सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का खुलासा किया जाएगा।”
पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। क्या यह परिवारिक विवाद, आर्थिक कारण, या साजिश का मामला है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
इलाके में शोक और नेताओं का जमावड़ा
घटना की जानकारी मिलते ही कई बड़े नेता अस्पताल और मृतक के घर पहुंचे। इनमें मंत्री लेसी सिंह, सांसद पप्पू यादव, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, विधायक विजय खेमका और कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र यादव शामिल थे। सभी ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
तीनों की मौत के बाद पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। सुबह जब पति-पत्नी और बेटी की अर्थी एक साथ उठी, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। लोगों ने कहा कि “पूर्णिया ने एक सम्मानित परिवार खो दिया है।”
पूर्णिया में हुई यह त्रासदी न केवल एक परिवार की निजी दुखद घटना है, बल्कि इसने पूरे बिहार को हिला कर रख दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह साफ करेगी कि यह मामला हत्या है या आत्महत्या।








