TejPratap Yadav: पारिवारिक कलह के बीच तेजप्रताप यादव ने दही- चुरा भोज के नाम पर खेला बड़ा सियासी दांव, जानें इसके मायने

On: Wednesday, January 7, 2026 6:12 PM
TejPratap Yadav

TejPratap Yadav: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर भोज का आयोजन किया करते थे, जिसमें बड़े-बड़े नेता नजर आते थे. इससे संबंधों में मधुरता और राजनीतिक मेलजोल नजर आती थी. अब इसी परंपरा को उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जो की जनशक्ति जनता दल के प्रमुख है वह आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं.

पर इस भोज की सबसे खास बात यह है कि इस बार चूड़ा दही भोज के नाम पर तेज प्रताप यादव बड़ा सियासी दांव खेलने वाले हैं. खासकर ऐसी स्थिति में जब उन्हें अपने परिवार और पार्टी से अलग कर दिया गया है.

TejPratap Yadav के दही-चूड़ा भोज के क्या है मायने?

तेज प्रताप यादव के इस आमंत्रण के कई मायने माने जा रहे हैं. एक तरफ उनके भाई के साथ उनकी दूरी सार्वजनिक रूप से उजागर हो गई है. वहीं दूसरी ओर भाजपा और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं से उनकी नजदीकी जग जाहिर है. ऐसे में यह चूड़ा दही का भोज महज एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि बिहार की सियासत में एक नई समीकरण का संकेत हो सकता है. आरजेडी से निकल जाने के बाद यह तेज प्रताप की पहली पार्टी है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप यादव के इस दही चुरा भोज में आखिर कौन सी राजनीतिक खिचड़ी पकती है.

तेज प्रताप ने इन लोगों को दिया आमंत्रण

तेज प्रताप यादव ने 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर जनशक्ति जनता दल की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और  विजय कुमार सिन्हा को आमंत्रण भेजा है. सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और छोटे भाई नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी औपचारिक रूप से निमंत्रण दिया है इसके अलावा चिराग पासवान, जितन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को भी निमंत्रण देने की बात कही जा रही है.

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