Tejpratap Yadav On Tejashvi: लालू परिवार में चल रही कलह ने दही-चूड़ा के बाद अब एक नई चर्चा शुरू कर दी है. परिवार और पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने परिवार से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाई. साथ ही साथ मकर संक्रांति के अवसर पर अपने सरकारी आवास पर उन्होंने दही- चूडा़ भोज का आयोजन किया.
इस भोज में आने के लिए तेज प्रताप ने एनडीए के बड़े-बड़े नेताओं सहित अपने पिता, भाई और माता को भी न्योता दिया लेकिन तेजस्वी का इस भोज से गायब होना एक नई राजनीति चर्चा शुरू कर चुका है. यह चर्चा इसलिए तेज है, क्योंकि लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे के इस भोज में शामिल हुए थे, लेकिन तेजस्वी का कोई पता नहीं था.
तेजस्वी के नहीं आने पर Tejpratap Yadav ने कसा तंज
तेज प्रताप के दही-चूडा़ भोज से गायब रहे तेजस्वी यादव को लेकर जब तेज प्रताप से पूछा गया तो उन्होंने एक बहुत बड़ा बयान दिया. तेज प्रताप कहने लगे कि तेजस्वी को जयचंद लोग घेरे होगा, इसलिए वह भोज में नहीं आ सका. खैर हम रात के 9:00 बजे तक अपने छोटे भाई तेजस्वी का इंतजार करेंगे.देखते हैं कि वह मेरे भोज में आता है या नहीं.
फिर तेज प्रताप ने अपनी बातों को यह कह कर खत्म किया कि तेजस्वी नहीं आया तो क्या हुआ पिताजी तो आए हैं. इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है. हमारे ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है. आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही राबडी़ आवास पहुंचकर तेज प्रताप ने माता-पिता के अलावा भाई तेजस्वी को भी भोज में आने के लिए निमंत्रण दिया था.
तेज प्रताप के दही-चूडा़ भोज में पहुंचे लालू यादव
तेज प्रताप यादव के दही-चूडा़ भोज में लालू प्रसाद यादव को देखा गया, जो बिल्कुल अपने बड़े बेटे के पास बैठे हुए थे. इससे कहीं ना कहीं यह स्पष्ट माना जा रहा है कि अब बाप-बेटे के बीच जो तनाव था, वह खत्म हो चुका है. इस बात पर खुशी जाहिर करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि हमारी पार्टी जनशक्ति जनता दल ही असली पार्टी है, तभी ना पिताजी हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हैं.








