Atal Bihari Vajpayee Jayanti: बिहार की सियासत में एक दशक से भी ज्यादा समय से सक्रिय राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज जिस मुकाम पर है, उन्हें वहां तक पहुंचाने का श्रेय भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को जाता है. देश भर में आज 25 दिसंबर को भारत रत्न वाजपेई जी की 101वीं जयंती मनाई जा रही है.
सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें नमन किया है और उनकी जयंती पर एक बेहद ही खास पोस्ट शेयर किया है. आपको बता दें कि वाजपेई की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देंगे. इस दौरान बिहार के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे.
Atal Bihari Vajpayee ने बनाया था नीतीश कुमार को सीएम
आज जिस नीतीश कुमार को हम सभी बिहार में सुशासन बाबू के रूप में जानते हैं, उन्हें यहां तक पहुंचाने का श्रेय वाजपेई को जाता है. दरअसल बाजपेई ने ही नीतीश कुमार को पहली बार मुख्यमंत्री बनाया था और वह स्थिति ऐसी थी जब बीजेपी की सीट समता पार्टी से ज्यादा थी. हालांकि नीतीश कुमार की यह सरकार 7 दिन बाद ही गिर गई थी.
अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा ‘पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन’.
2015 में भारत रत्न से किया गया सम्मानित
अटल बिहारी वाजपेई की जयंती को लेकर पटना में दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जहां पटना के पाटलिपुत्र गोलंबर में स्थित अटल पार्क में अद्भुत नजारा देखने को मिला. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और दीघा विधायक संजीव चौरसिया शामिल हुए. आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेई की पहचान एक उदार, सहमति बनाने वाले नेता के रूप में रही जिन्हें विपक्ष की ओर से भी भरपूर सम्मान मिलता था.
राजनीति के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेई एक कवि भी थे जिनकी कविताओं में राष्ट्रवाद, मानवीय संवेदनाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक देखने को मिलती थी. 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया, जहां 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हो गया लेकिन आज भी भारतीय राजनीति और साहित्य में उन्होंने जो योगदान दिया है, वह अमर है.










