Bihar Rajya Sabha Election: बिहार की राजनीति में आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए देश के 10 राज्यों में मतदान हो रहा है और बिहार में भी पांच सीटों पर सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। इसी बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मोकामा से विधायक अनंत सिंह को अदालत ने राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अब वे जेल से कस्टडी में बाहर आकर विधानसभा पहुंचेंगे और अपना वोट डालेंगे। बिहार की राजनीति में यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्यसभा चुनाव इस बार सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
Bihar Rajya Sabha Election: जेल में होने के बावजूद कोर्ट से मिली राहत
दरअसल, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62(5) के अनुसार जेल में बंद व्यक्ति सामान्य तौर पर मतदान नहीं कर सकता। हालांकि अदालत से विशेष अनुमति मिलने पर वह वोट डाल सकता है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दी है। अदालत के आदेश के अनुसार उन्हें पुलिस कस्टडी में विधानसभा लाया जाएगा, जहां वे मतदान करेंगे और उसके बाद दोबारा जेल भेज दिए जाएंगे। गौरतलब है कि अनंत सिंह फिलहाल मोकामा में हुए चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जेल में बंद हैं, जिसकी वजह से यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
एनडीए और विपक्ष के लिए अहम मुकाबला
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों को लेकर इस बार सियासी मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। एनडीए गठबंधन ने पांचों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और उन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। एक उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास करीब 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि पांचवीं सीट के लिए मुकाबला थोड़ा कड़ा माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल भी इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है और तेजस्वी यादव ने अपनी ओर से एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
अनंत सिंह का वोट क्यों बना चर्चा का विषय
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह का वोट इस चुनाव में खास महत्व रखता है। चूंकि वे जेल में बंद हैं, इसलिए शुरुआत में यह सवाल उठ रहा था कि क्या वे मतदान कर पाएंगे या नहीं। लेकिन अदालत की अनुमति मिलने के बाद अब उनका वोट एनडीए के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में अनंत सिंह एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और उनके फैसलों पर अक्सर राजनीतिक हलकों की नजर रहती है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के दौरान उनका मतदान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि सियासी समीकरणों को प्रभावित करने वाला कदम भी माना जा रहा है।








