Samrat Chaudhary Floor Test: बिहार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने पहली अग्नि परीक्षा को पार कर ली है. सुबह 11 बजे जब बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सीएम सम्राट चौधरी ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया. सबसे पहले तेजस्वी यादव ने नेता प्रतिपक्ष होने के नाते विश्वास प्रस्ताव पर अपनी बातों को रखा और जोरदार हमला करते हुए भाजपा पर तीखी प्रतिक्रिया दी.
वहीं दूसरी ओर विधानसभा में विश्वास मत के दौरान सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा करते हुए यह बताया कि उनकी सरकार क्राईम, करप्शन और कम्युनलिज्म यानी की ट्रिपल ‘सी’ पर कोई समझौता नहीं करेगी. सदन में सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोक-झोक भी देखने को मिली.
तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं, 14 करोड़ बिहार वासियों का आशीर्वाद है. तब जाकर सीएम की कुर्सी मिली है. एनडीए के तमाम नेताओं के आशीर्वाद से मैं यहां बैठा हूं, गलतफहमी में ना रहे.
Samrat Chaudhary ने विधानसभा में साबित किया बहुमत
बिहार विधानसभा में बहस के बाद ध्वनि मत से विश्वास मत का प्रस्ताव पारित हो गया है. इस दौरान सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) का जबरदस्त तेवर देखने को मिला. हालांकि तेजस्वी भी पीछे नहीं रहे. विश्वास मत पर बहस की शुरुआत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि चुनाव के समय जदयू के लोग नारा लगाते थे 2025 से 30 फिर से नीतीश और उन्होंने नीतीश जी को ही फिनिश कर दिया.
5 साल में यह पांचवीं सरकार गठित हुई हैं. यह आश्चर्य की बात है, ऐसी नौबत बार-बार क्यों आती है. इलेक्टेड सीएम को सिलेक्टेड सीएम ने हटाया. इसके अलावा तेजस्वी ने कहा कि आपने जो पगड़ी जहां भी रखी है, उसे संभाल कर रखिएगा. विजय सिंहा जी की उस पर नजर है. भले ही भाजपा का पहला मुख्यमंत्री हो लेकिन भाजपा और आरएसएस के लोग नहीं पचा पा रहे है.
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