Bihar Cabinet: का बड़ा फैसला: काशी विश्वनाथ की तर्ज पर ₹3,516 करोड़ से संवरेगा गयाजी, स्वास्थ्य-रोजगार पर भी लगी मुहर

बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस बैठक का सबसे प्रमुख...

On: Tuesday, September 15, 2026 6:19 PM
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Bihar Cabinet: बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण गयाजी स्थित पौराणिक विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र का कायाकल्प रहा, जिसे वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर भव्य स्वरूप दिया जाएगा। सरकार का यह कदम राज्य में धार्मिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।

Bihar Cabinet: काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनेगा विष्णुपद कॉरिडोर

इस महापरियोजना के तहत कुल 3,516.05 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद क्षेत्र और फल्गु नदी के प्रवाह को नया जीवन मिलेगा। इसमें 2,520 करोड़ रुपये सीधे कॉरिडोर और तीर्थयात्री सुविधाओं के निर्माण पर खर्च होंगे, जिसके अंतर्गत अत्याधुनिक मल्टीलेवल वाहन पार्किंग, एलिवेटेड रास्ते, सीताकुंड पैसेंजर फैसिलिटेशन सेंटर, आधुनिक घाट और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त डॉर्मिटरी का निर्माण बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड द्वारा कराया जाएगा। इसके साथ ही फल्गु नदी में पूरे वर्ष अविरल जल की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से 996.05 करोड़ रुपये की लागत वाली सोन-फल्गु नदी जोड़ परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है, जिसके तहत इन्द्रपुरी बैराज से 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए जलप्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा।

पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 प्राध्यापकों की बहाली को हरी झंडी

चिकित्सा और उच्च शिक्षा क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए कैबिनेट ने महत्वपूर्ण नियुक्तियों का मार्ग प्रशस्त किया है। राज्य के पांच प्रमुख सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों—बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर—में रिक्त पड़े 366 सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर्स) के पदों पर संविदा आधारित बहाली को मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में प्राध्यापक व व्याख्याताओं के रिक्त पद भरे जाएंगे और पटना स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल संचालन हेतु जरूरी तकनीकी पदों के सृजन पर सहमति बनी है।

125 दिनों का सुनिश्चित काम और मखाना विकास के लिए ₹89 करोड़

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस मिशन के जरिए ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का सुनिश्चित अकुशल रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर पलायन रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, बिहार के पारंपरिक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देते हुए मखाना विकास योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 89.79 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

जेलों की जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप, ईंट-भट्ठा कारोबारियों को ब्याज से राहत

पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में सरकार ने नई गाद प्रबंधन नीति 2026 लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नदियों और जलाशयों से निकाली जाने वाली सिल्ट का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों व रेलवे के निर्माण भराव में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों—पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, बक्सर और भागलपुर—की अनुपयोगी पड़ी जमीन पर वाणिज्यिक पेट्रोल पंप खोलने की नियमावली पारित की गई है। वहीं ईंट-भट्ठा संचालकों को राहत देते हुए बकाया रॉयल्टी पर ब्याज माफी के साथ तीन माह के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना को भी मंजूरी दी गई है।

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